पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में विकास खंड बिलसंडा व बीसलपुर में 69.62 फीसदी मतदान हुआ। युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा गया। गांव में नया बूथ न बनाए जाने पर भगौतीपुर गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। गांव चौसर में एक दरोगा और ग्रामीणों में झड़प हुई। कुल मिलाकर चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया।
सभी मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था। रसयांखानपुर, मीरपुर वाहनपुर, रिछोला सबल, अभयपुर चैना नकटी, चंदपुरा और रढ़ैता आदि मुस्लिम बाहुल्य गांवों में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई थीं। बीसलपुर ब्लाक में 70.66 व बिलसंडा में 68.58 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। बीसलपुर में जिला पंचायत की चार सीटों पर 65 और बीडीसी की 82 सीटों पर 408 प्रत्याशी मैदान में रहे। बिलसंडा में जिला पंचायत की तीन सीटों के लिए 61 और बीडीसी की 93 सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे 412 दावेदारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई।
कुछ स्थानों पर हल्की झड़प और मतदान बहिष्कार हुआ। गांव में नया बूथ न बनाए जाने के विरोध में बिलसंडा के भगौतीपुर गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार करने के साथ धरना दिया व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। गांव चौसर में पुलिस टीम के साथ आए एक दरोगा को देख कुछ ग्रामीणों ने हूटिंग कर दी इस पर दरोगा ने उन्हें गाली दे दी। माहौल बिगड़ता कि इससे पहले तहसीलदार नन्हेलाल, सीओ सुवेग सिंह सिद्धू और थाना प्रभारी केपी सिंह मौके पर पहुंच गए। इन अधिकारियों ने मामला समझने के बाद गांव वालों को शांत करा दिया। इसी तरह गांव परसिया के लोगों ने एसडीएम बीपी सिंह से सेलफोन पर पीठासीन अधिकारी पर सही ढंग से काम न करने की शिकायत की। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार नन्हेलाल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करा दिया। गांव रसूला में मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण एक अतिरिक्त मतदान कर्मी लगाना पड़ा। भैंसटा जलालपुर के मतदान केंद्र पर एक अभिकर्ता बार बार फर्जी वोट डलवाने का प्रयास कर रहा था। सूचना मिलने पर चुर्रासकतपुर चौकी के प्रभारी पुलिस उपनिरीक्षक श्याम सिंह यादव ने अभिकर्ता को बाहर कर दिया और उसका अधिकार पत्र जब्त कर लिया। डीएम मासूम अली सरवर और प्रेक्षक पीके उपाध्याय ने भी कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।