फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: महिलाओं ने कहा- गांव में नहीं चलने देंगे शराब की दुकानें

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। ललौरीखेड़ा में शराब की दुकानों को लेकर जारी विरोध के बीच आबकारी अधिकारी विजय पाल सिंह टीम के साथ रविवार को गांव में पहुंचे और महिलाओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने महिलाओं को दुकान आवंटन और संचालन संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, महिलाओं का कहना था कि वे गांव में शराब की दुकानें नहीं चलने देंगी।
विज्ञापन


महिलाओं का कहना था कि शराब के कारण परिवारों पर बुरा असर पड़ता है। उनके पति देर रात घर लौटते हैं। घरेलू खर्च के लिए पर्याप्त रुपये नहीं देते और परिवार की जिम्मेदारियों की अनदेखी करते हैं। महिला प्रधान हेमलता ने भी गांव में प्रस्तावित दुकानों का विरोध करते हुए उन्हें किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की मांग उठाई।

शराब की दुकानों को शिफ्ट करने की रखी मांगः महिलाओं ने कहा कि गांव के हित में शराब दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। अधिकारियों ने उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि आसपास कोई दूसरे स्थान का सुझाव दें। आबकारी निरीक्षक आशुतोष कुमार ने बताया कि महिलाओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में मानक के अनुसार, दुकानों का संचालन हो रहा है। संवाद
विज्ञापन


विभाग के लिए चुनौती बना महिलाओं का विरोध

पहले बूंदीभूड़ और शनिवार को ललौरीखेड़ा में हुआ विरोध
पीलीभीत। देहात क्षेत्र में संचालित अंग्रेजी और देसी शराब की दुकानों को लेकर महिलाओं का विरोध लगातार मुखर हो रहा है। इससे आबकारी विभाग की चुनौती बढ़ गई है। दो माह पूर्व बूंदीभूड़ और शनिवार को ललौरीखेड़ा में महिलाओं के विरोध और हंगामे की घटना के बाद विभागीय अधिकारी पहुंचे और महिलाओं को शांत कराया।


शराब की दुकान के संचालन को लेकर शासन स्तर से नियमावली तय है। सार्वजनिक स्थल से दूरी समेत अन्य मानकों को भी निर्धारित किया गया है। इसी के आधार पर दुकानाें का नियमानुसार लाइसेंस जारी किया जाता है। इधर, जिले में पिछले दो माह से देहात क्षेत्रों में शराब की दुकानों का विरोध शुरू हुआ। पहले माधोटांडा क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे गांव बूंदीभूड़ में कंपोजिट और देसी शराब की दुकानों को लेकर महिलाओं ने विरोध करते हुए शिकायतें कीं, लेकिन इसके बाद भी संचालन शुरू होने से आक्रोशित महिलाओं ने हंगामा करते हुए पुलिस और प्रशासनिक टीम से झड़प की थी।



घटना सुर्खियों में आने के बाद क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान की मौजूदगी में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह व एसपी सुकीर्ति माधव गांव पहुंचे थे। दुकानों को गांव से दूसरी जगह शिफ्ट कराने का आश्वासन देकर आक्रोश को शांत कराना पड़ा था। इधर, शनिवार को जहानाबाद क्षेत्र के ललौरीखेड़ा गांव में महिलाओं का भी गुस्सा फूट पड़ा। गांव के मार्ग पर संचालित शराब की दुकानों को बंद कराने के विरोध में एकत्र हुई महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। ताला तोड़कर दुकान में घुसी महिलाओं ने शराब की बोतलें तोड़ी, सैकड़ों पाउच शराब को नाली में बहा दिया। करीब तीन घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी थी। करीब छह लाख की शराब का नुकसान होने की बात कही गई। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें