पूरनपुर। शारदा नदी पार बाढ़ से हो रहे बचाव को देखने पहुंचे बाढ़ खंड के एसडीओ और जेई को महिलाओं ने घेरकर खरी खोटी सुनाई। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि कटान रोकने को बचाव कार्य के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अफसरों ने परियोजना को धन आवंटित न होने की जानकारी दी।
शारदा नदी पार गांव श्रीनगर और कबीरगंज के समीप नदी ने कटान कर तीन किसानों की दो एकड़ गन्ना की फसल लील ली थी। तीन किसानों की गन्ना और केला की फसल नदी के कटान मुहाने पर आ गई थी। नदी का जलस्तर कम होने पर बृहस्पतिवार को कटान थम गया था। बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य में परकोपाइन और बंबू कटर लगाना शुरू किए गए। शुक्रवार को बाढ़ खंड के एसडीओ सौरभ ओझा और जेई अनुज कुमार हो रहे बचाव कार्य देखने गांव श्रीनगर के समीप पहुंचे। इसकी जानकारी पर एकत्र हुई महिलाओं ने दोनों अफसरों को घेरकर खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि कटान की आशंका पर वह लोग मई महीने से बचाव कार्य की मांग कर रहे है। मगर बचाव कार्य कटान शुरू होने के बाद शुरू किया गया। बचाव कार्य के नाम पर खानापूरी कर धनराशि को ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही है।