पूरनपुर में तहसील गेट पर प्रदर्शन करती महिलाएं।स्रोत:प्रदर्शनकारी
पूरनपुर। हत्या के मामले में जेल गए घुंघचाई थाना क्षेत्र के कोटेदार सर्वेश का राशन कोटा निलंबित कर उपभोक्ताओं को घुंघचाई के कोटेदार की दुकान से संबद्ध किया गया है। हत्यारोपी का कोटा निलंबित होने के विरोध में महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर हंगामा और एसडीएम का घेराव किया। महिलाओं ने सर्वेश के जेल से आने तक संचालन की जिम्मेदारी उसकी पत्नी को सौंपने की मांग की।
एक जनप्रतिनिधि के खानदानी तहेरे भाई की किशोरी को घर से खींचने के विवाद में नौ नवंबर को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने महेंद्र, दीपक, गांव के राशन कोटेदार सर्वेश, कुलदीप और रामकेशन का चालान किया था। पांचों हत्यारोपी जेल में है।
पूर्ति निरीक्षक हिमांशु ने बताया कि राशन कोटेदार के जेल जाने पर उसके नाम राशन की दुकान को निलंबित कर दिया गया। उपभोक्ताओं को घुंघचाई के कोटेदार राजेश की दुकान से संबद्ध कर दिया गया। जेल गए सर्वेश के समर्थन में सोमवार को गांव उदराहा की महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर उनका घेराव किया।
हंगामा और घेराव करने वाली महिलाएं जेल भेजे गए सर्वेश को निर्दोष बता रहीं थी। प्रदर्शनकारी महिलाएं राशन कोटा सर्वेश के नाम ही रहने और उसके जेल से आने तक संचालन की जिम्मेदारी उसकी पत्नी को सौंपने की मांग कर रहीं थी।
एसडीएम का कहना था कि नियमानुसार राशन कोटे की दुकान को निलंबित कर उपभोक्ताओं को दूसरे राशन कोटेदार से संबद्ध किया गया है। ऐसे किसी के नाम राशन कोटे की दुकान नहीं की जा सकती। नियमानुसार ही कार्रवाई होगी। इसके बाद भी महिलाएं करीब पौन घंटे तक एसडीएम कार्यालय के बाहर हंगामा, प्रदर्शन करती रहीं।