इसी समय बाइक से आए अखिलेश ने नन्हीं से घर वापस चलने को कहा, लेकिन विवाहिता ने मना किया। इस पर अखिलेश ने बाइक से वाहन के अड्डे तक छोड़ने की बात कहकर अपनी सास को बाइक पर बैठाकर करीब एक किलोमीटर दूर एक धार्मिक स्थल पर पहुंचा दिया। नन्हीं देवी को लाने की जानकारी देकर बाइक से लौट गया।
अनीता ने बताया कि इस दौरान अखिलेश ने अपने साले रजनीश को फोन कर अपनी मां और बहन को ले जाने को कहा। कार से आए अखिलेश ने अपनी मां से बहन की जानकारी की और बहन को कार से लाने को घटनास्थल जा पहुंचा।
आरोपियों ने बांके से किए ताबड़तोड़ प्रहार
रजनीश ने बताया कि मौके पर पहुंचा तो देखा कि बहनोई अखिलेश अपने भाई अरविंद के साथ बहन पर ताबड़तोड़ बांके से प्रहार कर रहा था। उसने दौड़कर बांका छीन लिया। इस पर दोनों ने रजनीश से फिर बांका छीना और बाइक पर सवार होकर भाग गए। वहीं मौके पर ही नन्हीं की मौत हो गई।
रजनीश ने अपने बहनोई और उसके बड़े भाई अरविंद उर्फ छोटे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। घुंघचाई इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
नन्हीं का खून देख बेहोश हो गई चांदनी
रजनीश ने बताया कि उसके बहनोई का बहन और मां को ले जाने के लिए फोन आया था। उस समय वह गांव पोखरापुर के पास था। पत्नी चांदनी को लेकर ससुराल सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव हरियापुर जा रहा था। फोन आने पर सोचा की मां और बहन को बंडा पहुंचकर बस में बैठा देंगे और इसके बाद पत्नी के साथ ससुराल चले जाएंगे। घटनास्थल का मंजर देख पत्नी चांदनी कार में ही बेहोश हो गई।
आरोपियों का एक भाई हत्या में दस साल से जेल में बंद
अनीता ने बताया कि दामाद अखिलेश चार भाई है। सबसे बड़ा अशोक, उससे छोटा अरविंद, फिर अखिलेश और मनोज है। उन्होंने बताया कि अशोक एक हत्या के मामले में दस साल से जेल में बंद है। घटना के बाद दोनों हत्यारोपी घर में नन्हीं देवी के दोनों पुत्र आनंद (14) और आदेश (10) को छोड़कर घर से भाग गए।