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बीच सड़क पर खौफनाक वारदात: पीलीभीत में भाई के सामने विवाहिता की हत्या, पति और जेठ ने बांके से काट डाला

Tue, 03 Jun 2025 06:36 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

Pilibhit News: पीलीभीत के घुंघचाई थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े विवाहिता की हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसके पति और जेठ ने धारदार हथियार से हमलाकर उसकी जान ले ली। आरोपियों ने विवाहिता के भाई के सामने वारदात को अंजाम दिया।   
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के घुंघचाई थाना क्षेत्र में गांव जल्लूपुर निवासी नन्हीं देवी (35 वर्ष) की उसके पति अखिलेश मिश्रा और जेठ अरविंद ने मंगलवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी। आरोपियों ने विवाहिता के भाई रजनीश के सामने वारदात को अंजाम दिया। बचाने पर आरोपी उससे बांका छीनकर बाइक से भाग गए। वारदात देखकर रजनीश की पत्नी बेसुध हो गई। 

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घटना मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे घुंघचाई थाना क्षेत्र में गांव भगवतीपुर के समीप हुई। नन्हीं देवी की मां बरखेड़ा थाने के गांव पतरसिया निवासी अनीता देवी ने बताया कि उनका दामाद अखिलेश मिश्रा ट्रक ड्राइवर है। कई दिनों तक घर से बाहर रहता है। अखिलेश के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। करीब एक माह पहले दोनों पुत्रियों एक साथ घर से कहीं चली गई थी, जो अब तक घर नहीं लौटीं। 

पुत्रियों के घर से जाने के बाद से अखिलेश अक्सर मोबाइल फोन पर नन्हीं देवी को प्रताड़ित करता था। 10 दिन पहले अखिलेश घर आया था। तब से वह अक्सर नन्हीं देवी की पिटाई करता था। हत्या करने की धमकी देता था। कलह से परेशान नन्हीं देवी ने दो-तीन दिन पहले उसे फोन कर ससुराल से मायके ले जाने को कहा।
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दोपहर के समय घर से निकली थीं मां-बेटी 
पुत्री को लाने के लिए अनीता सोमवार शाम चार बजे उसके घर पहुंची थीं। मंगलवार को पुत्री को भेजने के लिए दामाद से कहा। 10 से 15 दिन में नन्हीं देवी को विदा करा ले जाने की बात कही। मगर अखिलेश ने नन्हीं देवी को भेजने से मना कर दिया। दोपहर के समय मां-बेटी घर से निकलीं। वाहन पकड़ने के लिए पैदल गांव से कुछ दूरी पर ही पहुंच पाई थी। 

इसी समय बाइक से आए अखिलेश ने नन्हीं से घर वापस चलने को कहा, लेकिन विवाहिता ने मना किया। इस पर अखिलेश ने बाइक से वाहन के अड्डे तक छोड़ने की बात कहकर अपनी सास को बाइक पर बैठाकर करीब एक किलोमीटर दूर एक धार्मिक स्थल पर पहुंचा दिया। नन्हीं देवी को लाने की जानकारी देकर बाइक से लौट गया।

अनीता ने बताया कि इस दौरान अखिलेश ने अपने साले रजनीश को फोन कर अपनी मां और बहन को ले जाने को कहा। कार से आए अखिलेश ने अपनी मां से बहन की जानकारी की और बहन को कार से लाने को घटनास्थल जा पहुंचा। 

मृतका की मां और भाई - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने बांके से किए ताबड़तोड़ प्रहार 
रजनीश ने बताया कि मौके पर पहुंचा तो देखा कि बहनोई अखिलेश अपने भाई अरविंद के साथ बहन पर ताबड़तोड़ बांके से प्रहार कर रहा था। उसने दौड़कर बांका छीन लिया। इस पर दोनों ने रजनीश से फिर बांका छीना और बाइक पर सवार होकर भाग गए। वहीं मौके पर ही नन्हीं की मौत हो गई।  

रजनीश ने अपने बहनोई और उसके बड़े भाई अरविंद उर्फ छोटे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। घुंघचाई इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

नन्हीं का खून देख बेहोश हो गई चांदनी
रजनीश ने बताया कि उसके बहनोई का बहन और मां को ले जाने के लिए फोन आया था। उस समय वह गांव पोखरापुर के पास था। पत्नी चांदनी को लेकर ससुराल सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव हरियापुर जा रहा था। फोन आने पर सोचा की मां और बहन को बंडा पहुंचकर बस में बैठा देंगे और इसके बाद पत्नी के साथ ससुराल चले जाएंगे। घटनास्थल का मंजर देख पत्नी चांदनी कार में ही बेहोश हो गई।
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आरोपियों का एक भाई हत्या में दस साल से जेल में बंद 
अनीता ने बताया कि दामाद अखिलेश चार भाई है। सबसे बड़ा अशोक, उससे छोटा अरविंद, फिर अखिलेश और मनोज है। उन्होंने बताया कि अशोक एक हत्या के मामले में दस साल से जेल में बंद है। घटना के बाद दोनों हत्यारोपी घर में नन्हीं देवी के दोनों पुत्र आनंद (14) और आदेश (10) को छोड़कर घर से भाग गए।
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