पीलीभीत। रेल पटरियों के किनारे और बीच में छुट्टा जानवरों की चहलकदमी को लेकर रेलवे सतर्क हो गया है। आए दिन होने वाली जानवरों के कटने की घटनाओं की रोकथाम के लिए रेलवे लाइन के किनारे चार किलोमीटर दायर में तार फेंसिंग लगाई जाएगी। मंगलवार को बरेली से आए अधिकारियों ने शहर से गुजरी रेल लाइनों का पैदल निरीक्षण कर लोगों को जागरूक किया।
ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर मंगलवार को मंडलीय वरिष्ठ यातायात निरीक्षक सुरक्षा धीरज कुमार और सेक्शन इंजीनियर रवि शुक्ला ने पीलीभीत-टनकपुर रेलखंड का निरीक्षण किया। आरपीएफ के इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार व अन्य टीम भी साथ रही। अफसरों ने बरहा रेलवे क्राॅसिंग से बिलगवां रेलवे क्राॅसिंग के आगे तक पैदल भ्रमण कर रेलवे पटरी पर आने वाले जानवरों के स्थानों को देखा गया। लोगों को भी जागरूक किया गया। बिलगवां क्राॅसिंग से पहले एक स्थान पर जानवरों की डेरी भी संचालित नजर आई। निरीक्षण के बाद तार फेंसिंग कराने की रूपरेखा तय की गई।
आए दिन होते हादसे, लगाना पड़ता इमरजेंसी ब्रेक
पीलीभीत-मैलानी रेलखंड, पीलीभीत-बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत-टनकपुर रेलखंड पर आए दिन छुट्टा जानवर रेल पटरी पर पहुंच जाते हैं। हादसे भी होते हैं। इससे ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है। इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़ते हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों में अचानक ब्रेक लगाना संभव नहीं हो पाता। यही वजह है कि रेल लाइन पर जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए चार किलोमीटर दायरे में दोनों ओर फेंसिंग लगाने की रूपरेखा तय की गई है।