13 जिले में किया जाएगा सर्वे, मगरमच्छ, कछुओं समेत अन्य जलीय जंतुओं पर होगा शोध
पीलीभीत। नमामि गंगे परियोजना के तहत गोमती नदी की जैव विविधता का अध्ययन करने के लिए मंगलवार को देहरादून से भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम ने मंगलवार को माधोटांडा क्षेत्र में स्थित गोमती उद्गम स्थल पहुंची। टीम उद्गम स्थल से लेकर 13 जिले से होकर गुजरी गोमती नदी में जैव विविधता का सर्वेक्षण करने के लिए 930 किलोमीटर का सफर करेगी।
भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम पूर्व से ही जनपद में विभिन्न जलाशयों में पाए जाने वाले कछुओं और मगरमच्छ पर शोध कर रही है। संरक्षण को लेकर भी पहल शुरू की गई है। टीम का नेतृत्व कर रहे विशेषज्ञ विपुल मौर्य ने बताया कि गोमती नदी में जैवविविधता है। वैज्ञानिक दीपन चक्रवती का कहना है कि प्रवासी पक्षियों और अन्य जीव जंतुओं मौजूदगी से नदी क्षेत्र में जैव विविधता नजर आती है। सर्वे के दौरान नदी किनारे बसे जनसमुदाय को नदी के संरक्षण और जलीय जीवों के संरक्षण के लिए जागरूक करने की टीम के सदस्य राहिल खान को जिम्मेदारी मिली है। वहीं जल की गुणवत्ता और वासस्थल का अध्ययन करने के लिए सुमित नौटियाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।