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Pilibhit News: बारिश से डूबे वन्यजीवों के ठिकाने, जंगल से बाहर आ रहे बाघ-तेंदुए व भालू

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व जंगल में भरा पानी। स्रोत- वन विभाग - फोटो : 1
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पीलीभीत। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जंगल और वन्यजीवों के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल क्षेत्र में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। उत्तराखंड से पानी आने के कारण उत्तराखंड सीमा से सटी महोफ रेंज सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।
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जंगल के निचले हिस्सों में पानी भरने से वन्यजीवों के सामान्य विचरण क्षेत्र और सुरक्षित ठिकानों पर असर पड़ रहा है। हालांकि वन विभाग फिलहाल किसी वन्यजीव के लिए तत्काल खतरा नहीं मान रहा, लेकिन जंगल में पानी बढ़ने के साथ वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर की ओर आने की आशंका बढ़ गई है।
पिछले दिनों बारिश के बीच जंगल और सड़कों के आसपास बाघ व तेंदुओं की मौजूदगी सामने आने के बाद अब बुधवार को गजरौला क्षेत्र में भालू दिखाई देने की सूचना मिली। वन्यजीवों की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने सभी रेंज स्तरीय टीमों को अलर्ट करते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश के साथ उत्तराखंड क्षेत्र में हुई बारिश का पानी भी जंगल की ओर पहुंच रहा है। संवाद
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जंगल में पानी बढ़ा तो ठिकाना बदलेंगे वन्यजीव
वन्यजीव विशेषज्ञों और जानकारों के अनुसार, जंगल के निचले क्षेत्रों में अधिक पानी भरने पर वन्यजीव ऊंचे और सूखे स्थानों की तलाश करते हैं। यदि उनके सामान्य ठिकाने और आवागमन के रास्ते पानी की चपेट में आ जाते हैं तो वे जंगल के दूसरे हिस्सों की ओर जाने के साथ कभी-कभी जंगल की सीमा से बाहर भी निकल सकते हैं।

हर रेंज में बढ़ाई निगरानी
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि फिलहाल जलभराव के कारण वन्यजीवों के लिए कोई खतरा नहीं है। विभाग की टीमें पूरी तरह अलर्ट हैं। सभी रेंज स्तरीय टीमों को जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों के साथ जंगल से सटे मार्गों और संभावित वन्यजीव गलियारों पर भी नजर रखी जा रही है।

जंगल से सटे गांवों में बढ़ी चिंता
लगातार बारिश और जंगल में जलभराव के कारण पीटीआर से सटे गांवों के लोगों में भी वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल वन विभाग की निगरानी से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जंगल में पानी और बढ़ा तो वन्यजीवों के लिए सुरक्षित स्थानों की उपलब्धता चुनौती बन सकती है।
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