पीलीभीत। बाढ़ के पानी में फाउंडेशन कार्य की मिट्टी बह जाने के बाद रुका ब्रह्मचारी घाट के सुंदरीकरण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। छह महीने पहले आई बाढ़ की तुलना में यहां पानी काफी कम हो चुका है, बावजूद अधिकारी नदी में पानी ज्यादा होने का हवाला देकर काम शुरू नहीं करा रहे। गेट और शौचालय का कार्य भी अधूरा है।
ब्रह्मचारी घाट पर 1.52 करोड़ से पर्यटन विभाग की ओर से सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसका शिलान्यास मार्च 2024 में किया गया था। कुछ माह बाद कार्य भी शुरू करा दिया गया। घाट पर फाउंडेशन कार्य ही कराया जा रहा था कि बारिश का सीजन शुरू हो गया।
जुलाई में आई बाढ़ में फाउंडेशन कार्य को नुकसान पहुंचा और डाली गई मिट्टी बह गई। कुछ खंभे भी टूट गए। हालांकि कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास विभाग बाढ़ से नुकसान न होने की बात कह रहा है। मगर बाढ़ का पानी उतरने और बारिश का सीजन बीतने के बाद भी यहां अब तक फिर से काम शुरू नहीं कराया गया है।
गेट और शौचालय का कार्य भी अधूरा
सुंदरीकरण के साथ आयुर्वेदिक काॅलेज के पास ब्रह्मचारी घाट जाने वाली सड़क पर गेट का निर्माण कराया जा रहा है। गेट का कार्य भी अब तक अधूरा है। घाट के पास बन रहे शौचालय का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है।
कराए जाने हैं यह कार्य
कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के मुताबिक, स्वीकृत धनराशि से घाट का सुंदरीकरण काया जाना है। साथ ही आयुर्वेदिक कॉलेज के पास गेट निर्माण, शौचालय, बैठने के लिए छतरीनुमा स्थान और बेंच का कार्य कराया जाएगा। बताया कि गेट और शौचालय में थोड़ा कार्य शेष है। जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
वर्जन :
बाढ़ से नुकसान कुछ नहीं हुआ मगर काम थम गया था। नदी में पानी की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। जैसे ही जलस्तर कम होगा, कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - लज्जाराम, प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीएसटीडी
पीलीभीत के आयुर्वेदिक कॉलेज चौराहे के पास बनाया जा रहा गेट।संवाद