पीलीभीत। सुबह हल्के कोहरे के साथ सर्दी का प्रकोप था। हल्के बादल छाए थे। 11 बजते ही आसमान में अचानक काली घटाएं छा गईं। एक बारगी ऐसा अंधेरा लगने लगा जैसे कि शाम हो गई हो। थोड़ी देर बाद तेज हवा चलने लगी और फिर बारिश शुरू हो गई। शाम तक कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश हवा के बीच होती रही। बारिश रात जारी रही। बीसलपुर के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवा के साथ बारिश होने से गन्ने की फसल खेतों में लेट गई। रबी की अन्य फसलों को भी आंशिक नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवा के साथ हल्की मध्यम बारिश की संभावना जताई है। उधर, बारिश होने से शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया।
बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे के बाद अचानक मौसम बदलने लगा। दोपहर 12.30 बजे आसमान में अचानक अंधेरा छा गया। हवा चलने लगी। 11 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। एक बजे से लेकर शाम तक हवा के झोकों के बीच हल्की तो कभी मध्यम बारिश होती रही। इससे बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस से 5.0 डिग्री नीचे लुढ़ककर 22.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा के अनुसार अभी कम से कम दो दिन मौसम में उतार चढ़ाव रहेगा। आद्रता 80 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए हवा के झोंकों के बीच आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में तापमान 1.0 से 2.0 डिग्री सेल्सियस नीचे आ सकता है। पहाड़ों पर बीते दिनों होने वाली बारिश और बर्फबारी की वजह से सर्दी का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं।
शहर में कई जगह जलभराव
गुरुवार दोपहर बाद हुई बारिश से स्टेशन रोड, टनकपुर हाईवे समेत गलियों में जलभराव हो गया। नाले नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर भर गया। कुछ ही देर बाद पानी नालों में होकर बह गया। सब्जी मंडी, मंडी समिति परिसर दलदल हो गया। राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गलियों में जलभराव होने से आवागमन में दिक्कत हुई।
गेहूं की बुवाई रुकी, गन्ना खेतों में गिरा
बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गेहूं की बुवाई पर कुछ दिनों के लिए विराम लग गया है क्योंकि खेतों में पानी भरने से उनकी जुताई नहीं हो सकेगी। ओलावृष्टि वाले स्थानों पर गन्ना भी खेतों में गिर गया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका के अनुसार बारिश अभी तक 15 एमएम से भी कम हुई है। इससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं है। गेहूं की बुवाई जरूर प्रभावित हो सकती है। बारिश के साथ हवा चलने से रबी की बाकी फसलों पर आंशिक असर पड़ेगा। जो गेहूं बोया जा चुका है, उसमें पानी नहीं लगा है तो फायदा होगा। सिंचाई बच जाएगी।
बीसलपुर। अपराह्न दो से तीन बजे तक हुई बारिश से मौसम ठंडा हो गया। बारिश से मोहल्ला दुर्गाप्रसाद, मोहल्ला दुबे में होली मैदान के पास, बारह पत्थर रोड पर भूमि विकास बैंक के सामने और मोहल्ला सराय समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया। यातायात भी प्रभावित हुआ। पानी नालियों में बहने के बाद यातायात सुचारु हो सका।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। बारिश से लोगों ने ठंड का एहसास किया। परिषदीय स्कूलों में अब तक स्वेटर न बंटने से बच्चे ठंड से परेशान हुए। हल्की बारिश से गन्ना, मटर, लाही की फसल में किसानों को लाभ हुआ। गन्ना की छिलाई प्रभावित हुई। बारिश होने से खेतों से पराली निकालने का काम रुक गया। इससे गेहूं की बुवाई दो-चार दिन लेट होगी।
तेज हवा के झोके से पेड़ गिरा
चुर्रासकतपुर। पुलिस चौकी के समीप एक आम का पेड़ नहर के पास खड़ा था। तेज हवा चलने से वह चौकी के टीन शेड पर गिर गया। इससे टीन शेड और छज्जा टूट गया। कमरे में बैठे पुलिस कर्मी बाल बाल बच गए।
माधोटांडा। बारिश के पहले दिन मंगलवार को जहां किसानों के चेहरे खिल उठे, वही पर्यटन सत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों के चेहरे मुरझा गए। सुबह से ही आसमान में छाए बादल और दोपहर तक काली घटा के साथ तेज बारिश से चुका बीच में सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा। खास बात यह रही कि दोनों पालियों में मुस्तफाबाद से एक भी जंगल सफारी वाहन की बुकिंग नहीं हो सकी। हालांकि कुछ पर्यटक मुस्तफाबाद तक पहुंचे लेकिन बिगड़ता मौसम देख वे वापस लौट गए।
बरखेड़ा। क्षेत्र में दोपहर में अचानक हुई बारिश से किसानों की मुश्किलें बड़ गईं है। कस्बे में भी जगह जगह जलभराव हो गया है। बारिश होने के बाद ठंड ने भी जोर पकड़ लिया।
ज्यादा नहीं है बारिश किसान न हो परेशान
अचानक हुई बारिश से किसानों को फायदा तो हुआ, लेकिन जिन स्थानों पर ओलावृष्टि हुई है, वहां फसलों को आंशिक नुकसान हो सकता है। बारिश से गन्ना, गेहूं, आलू व अन्य फसलों को खास नुकसान नहीं है। अगर धान की फसल खेतों में खड़ी है तो उसको नुकसान होने की संभावना है। -डॉ. एसएस ढाका, कृषि वैज्ञानिक।
सावधानी न बरती तो हो सकता है निमोनिया
पीलीभीत। मौसम में पिछले कुछ दिनों से दिन में गर्मी और रात में सर्दी होने से वायरल संबंधित बीमारियां बढ़ी हैं। जिला अस्पताल के पूर्व फिजिशियन डॉ. सीबी चौरसियों ने बताया कि शहर में गुरुवार को बरसात भी हुई है। इसके तापमान में भारी गिरावट होने की संभावना है। लापरवाही बरतने से खांसी, जुकाम, बुखार हो सकता है। बेहतर होगा कि शरीर को ढककर रखें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमकुम गोयल ने बताया कि मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण छोटे बच्चों को ध्यान रखने की विशेष आवश्यकता है। अभिभावकों को बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर करके देना चाहिए। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, जिससे सर्दी, खांसी, जुकाम से बचाया जा सके। लापरवाही पर बच्चा निमोनिया का शिकार हो सकता है।