बीसलपुर। गांव मिघौना के पास अंडरपास में अब भी बाढ़ का काफी पानी भरा हुआ है, जिससे इधर का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। यह पानी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। रेल अधिकारी मौन साधे हैं।
मिघौना के पूर्व प्रधान रामसुधार मिश्रा ने बताया कि नौ जुलाई को बाढ़ आते ही उनके गांव के पास स्थित रेलवे के अंडरपास में काफी ज्यादा पानी भर गया था, जो अब भी भरा हुआ है। अंडरपास में बहुत ज्यादा पानी भरा होने के कारण इधर का आवागमन काफी हद तक प्रभावित है।
रास्ता बंद होने के कारण विद्यार्थी नगर के कॉलेजों में पढ़ने नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण रोजाना फोन पर रेलवे के अधिकारियों से संपर्क साधकर समस्या का समाधान कराने की मांग कर रहे हैं। रेलवे के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करना तो दूर अब तक मौका मुआयना भी नहीं किया है, जिससे ग्रामीणों में रेल अधिकारियों के प्रति रोष है।
रेल अधिकारी कब मौका मुआयना करेंगे, कब पानी निकलवाएंगे और कब यातायात सुचारू हो पाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। इस बावत इज्जतनगर डीआरएम के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि बहुत जल्द इस समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
धरने की चेतावनी मिलते ही निकलवाया अंडरपास से पानी
बीसलपुर। ग्रामीणों की ओर से अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी मिलते ही रेल अधिकारियों ने शुक्रवार को गांव गंगानगर के अंडरपास से बाढ़ का पानी निकलवा दिया। इससे कई गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि बाढ़ का पानी भर जाने से गंगानगर, सकुटिया, भोगापुर, जसकरनापुर, आदि गांवों के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने तीन दिन पूर्व चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शुक्रवार की सुबह तक पानी नहीं निकाला गया तो वे 10 बजे से रेलवे स्टेशन पर बेमियादी धरना शुरू कर देंगे। ग्रामीणों की चेतावनी के बाद रेल अधिकारियों की नींद खुल गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को सुबह पंपिंग सेट लगवाकर अंडरपास से सारा पानी निकलवा दिया। अंडरपास से पानी निकलवाए जाने की पुष्टि सकुटिया जसकरनापुर की प्रधान लड़ैती देवी ने की। संवाद