पीलीभीत। निरीक्षण के समय गोआश्रय स्थल में मिली अनियमितताओं पर डीएम की ओर से दिए निर्देशों के अनुपालन में पूरनपुर की ग्राम पंचायत कजरी निरंजनपुर के प्रधान और सचिव पर कार्रवाई शुरू हो गई है। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
डीएम संजय कुमार सिंह ने पूरनपुर ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कजरी निरंजनपुर के गोआश्रय स्थल का रविवार को निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वहां 228 गोवंश मिले। पशुओं के लिए हरा चारा न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने और सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
डीएम के निर्देश के बाद संबंधित प्रधान और सचिव पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधान यादवेंद्र पाल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती की ओर से गोआश्रय स्थल में मिली अनियमितताओं समेत अन्य मामलों में सचिव पंकज आर्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि संबंधित प्रधान एवं सचिव को कारण बताओे नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद प्रधान के अधिकार सीज करने और सचिव के निलंबन की कार्रवाई होगी।
डीएम के आदेश को किया अनसुना, पंचायत सचिवों का नहीं हुआ निलंबन
- गोआश्रय स्थलों में गड़बड़ी पर डीएम ने दिए थे पंचायत सचिवों को निलंबित करने का निर्देश
- बीसलपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खनंका उचसिया और विलासपुर का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। डीएम के निर्देशों के पांच दिन बाद भी डीपीआरओ ने बीसलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत खनंका उचसिया और बिलसंडा की विलासपुर पंचायत के सचिव को निलंबित नहीं किया है। डीएम ने प्रधान व बीडीओ को नोटिस दिए जाने की बात भी कही थी।
शुक्रवार को डीएम संजय कुमार सिंह ने बीसलपुर क्षेत्र के गांव खनंका उचसिया स्थित गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। अव्यवस्थाएं मिलने पर डीएम ने प्रधान को नोटिस और सचिव को निलंबित करने का निर्देश दिया था। पांच दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों के जिम्मेदारों ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बनी है।
बिलसंडा सचिव का निलंबन भी नहीं कर सके जिम्मेदार
इसी दिन डीएम ने बिलसंडा क्षेत्र के गांव विलासपुर के गोआश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया था। यहां भी कई अनियमितताएं पाई गईं। डीएम ने पंचायत सचिव को निलंबित करने का निर्देश दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
डीएम की ओर से निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- रोहित भारती, डीपीआरओ