पीलीभीत। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में ऋण वितरण में लापरवाही बरते जाने पर डीएम ने दो बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिनों के अंदर ऋण योजना का वितरण न करने पर संबंधित बैंकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाए जाने की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से वर्ष 2025-26 में जिले को 1700 लाभार्थियों को ऋण वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में 17 अप्रैल को डीएम ने बैंकर्स की समीक्षा बैठक की। बताया गया कि बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक पीलीभीत को 115 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, इसके सापेक्ष मात्र 12 आवेदन पर शाखा प्रबंधकों ऋण वितरित किए।
29 बैंक शाखाओं में से 19 बैंक शाखाओं द्वारा एक भी ऋण वितरण नहीं किया गया। वहीं पंजाब एंड सिंध बैंक पीलीभीत को 85 आवेदन पत्र मिले। इसमें सात आवेदन शाखा प्रबंधकों को वितरित हुए। 16 बैंक शाखाओं में से 12 बैंक शाखाओं द्वारा एक भी ऋण वितरण नहीं किया गया। डीएम ने बैंकों के समन्वयकों को तीन दिनों के भीतर अधिक से अधिक आवेदन पर ऋण वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही खराब प्रगति का स्पष्टीकरण तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।