बीसलपुर। देवहा नदी के उफान से आई बाढ़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई गांवों का संपर्क कट गया है, लोगों का आना-जाना ठप हो गया है। पशुओं से लेकर इंसानों तक को खाने का संकट पैदा हो गया है। कहीं इलाज नहीं मिल पा रहा तो कहीं राशन और दवाइयों की कमी गहराने लगी है।
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव मुसेली के प्रधान इश्तियाक अहमद का कहना है कि मजरा भैंसटा जलालपुर चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है, जिसके चलते वह चाहकर भी वहां जाकर मदद नहीं कर पा रहे। इसी गांव के जितेंद्र सिंह की दुकान महज एक किलोमीटर दूर है, लेकिन चारों ओर पानी भरा होने से दुकान तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है।
गांव किशनी के ताराचंद गंगवार ने बताया कि उनके दो पशु खुरपका बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण गांव के ही पशु अस्पताल के कर्मचारी वहां तक नहीं पहुंच पा रहे। वहीं पटनिया निवासी शिवदयाल का कहना है कि बाढ़ के चलते वे अपने बीसलपुर वाले मकान तक नहीं जा पा रहे हैं। गांव वाले मकान में राशन खत्म होने लगा है।
अमृता खास निवासी गौतम शर्मा ने कहा कि अमृता खास और बैरा के बीच सड़क कट जाने से वे खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे। रढ़ैता के प्रधान मुकेश गुप्ता ने फोन पर बताया कि गांव में बिजली न होने के कारण संचार पूरी तरह ठप है। बरसिया के भूपेंद्र सिंह कॉलेज नहीं जा पा रहे, कंधरापुर के संजीव त्रिवेदी बुखार के बावजूद दवा लेने बाहर नहीं निकल पा रहे।
गोवल के सत्यपाल यादव शक्तिपीठ नहीं पहुंच पा रहे तो हीरापुर के हरीश कुमार की धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। खानपुर वीरमपुर की प्रधान ध्यान देवी और बैरा के पूर्व प्रधान कैलाश शर्मा ने भी फसल और सड़क कटने की समस्या बताई। वहीं बसारा के सोनू मिश्रा ने कहा कि पास के बावली मंदिर तक भी पूजा करने जाना संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी नहीं उतरता, तब तक उनकी समस्याएं और बढ़ेंगी। प्रशासन से लोगों ने तत्काल राहत और व्यवस्थाओं की मांग की है।
बीसलपुर पीलीभीत हाईवे पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
बीसलपुर पीलीभीत हाईवे पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद