अमरिया। तहसील क्षेत्र के गांव सूरजपुर में बाघिन के साथ शावकों के पगमार्क मिलने की सूचना के बाद फार्म पर पहुंचे वन कर्मियों को किसानों ने तेंदुआ पकड़े जाने तक खेतों में न घुसने का एलान करते हुए लौटा दिया। किसान यहां आबादी इलाके में तेंदुआ न पकड़े जाने से वन कर्मियों से नाराज हैं।
गांव सूरजपुर निवासी जगदीप उर्फ जग्गू ने बताया कि बुधवार को देर रात एक बाघिन अपने शावकों के साथ खेत के आसपास चहलकदमी करते देवहा नदी की झाड़ियों की ओर चली गई थी। आबादी इलाके में बाघिन आने की सूचना मिलने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी पगमार्क ट्रेस करने उनके खेत पर पहुंचे लेकिन उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि जब तक आबादी इलाके से तेंदुआ नहीं पकड़ा जाता है, तब तक आप खेतों में न घुसें। गांव वालों को वहां रह रहे बाघों से डर नहीं लगता है। क्षेत्र में आठ साल पहले दो शावकों के साथ एक बाघिन पहुंची थी। अब अमरिया क्षेत्र में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ चुका है। मगर, बाघों ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। मगर, पिछले एक साल से तेंदुए के आतंक से एक दर्जन गांवों के लोग परेशान हैं। तेंदुआ अब तक 20 से ज्यादा पालतू और आवारा कुत्तों को अपना निवाला बना चुका है।
किसान बैठक में कर चुके हैं निर्णय
तेंदुए पकड़ने में वन विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही को लेकर एक सप्ताह पूर्व क्षेत्र के किसानों ने पैरी फार्म पर एकत्र होकर बैठक की थी। इसमें यह फैसला लिया गया था कि जब तक वन कर्मी तेंदुए को पकड़कर जंगल में नहीं छोड़ते हैं तब तक अमरिया क्षेत्र के किसान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने खेतों में नहीं घुसने देंगे। सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना ने बताया कि गांव सूरजपुर के एक फार्म पर खेतों में बाघिन के साथ शावक के चहलकदमी की सूचना मिली थी। दावा करते हुए कहा कि हमने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और पगमार्क ट्रेस कर वापस आ गए। इस दौरान किसानों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की मांग की।