बीसलपुर। ग्रामीणों ने बाढ़ राहत सामग्री का वितरण करने में गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को तहसील में हंगामा किया। पुलिस ने एसडीएम की गाड़ी रोकने के आरोप में हंगामा करने वाले पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
गांव पुरैना के ग्रामीणों ने तहसील परिसर में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने में हल्का लेखपाल पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। कहा कि लेखपाल ने गांव में जाकर बाढ़ राहत सामग्री नहीं बंटवाई।
लेखपाल ने अपने कुछ चहेते लोगों को बीसलपुर बुलाकर राहत सामग्री दे दी। अधिकांश लोग राहत सामग्री प्राप्त करने से वंचित रह गए। हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने मौके पर आए एसडीएम नागेंद्र पांडेय को इस संबंध में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई और वंचित लोगों को बाढ़ राहत सामग्री नहीं मिली तो वे लोग जिला मुख्यालय पर जाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का नेतृत्व एक संगठन के कुछ पदाधिकारी कर रहे थे। इन पदाधिकारियों ने एसडीएम से कहा कि लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी गाड़ी नहीं जाने देंगे। न ही उन्हें पूरे दिन कोई सरकारी काम करने देंगे। एसडीएम ने इन पदाधिकारियों को पहले तो समझाने का प्रयास किया लेकिन जब तैयार नहीं हुए, तभी एसडीएम के निर्देश पर मौके पर मौजूद कोतवाली पुलिस ने उन पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें कोतवाली ले गई।
इसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी मांग अतिशीघ्र पूरी कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण अपने गांव लौट गए। हंगामा करने वालों में कुलदीप, सुखपाल ,सुंदरलाल, अवनीश, राम भरोसे, देवेंद्र, राजेश, राम बहादुर, जितेंद्र, महेंद्र, सरनाम, सुरेश पाल, रिंकू, राकेश, विकास समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
इस बाबत एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने बताया कि व्यवधान पैदा करने वाले एक संगठन के पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।