पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर गेहूं लदे वाहनों की निगरानी करते नायब तहसीलदार। स्रोत टीम
कलीनगर। नियमों की अनदेखी कर गेहूं को ट्रैक्टर-ट्रॉलों में भरकर बिक्री के लिए उत्तराखंड ले जाने के मामले में अफसरों ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलीनगर तहसील प्रशासन की ओर से उत्तराखंड जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार ने टीम के साथ खटीमा मार्ग पर कई घंटे तक निगरानी की। हालांकि कोई वाहन नहीं मिल सका।
जनपद के अलावा लखीमपुर जिले से धान को उत्तराखंड ले जाकर बिक्री किया जा रहा है। इसके लिए लोग कलीनगर तहसील क्षेत्र की सीमा से होकर उत्तराखंड जा रहे हैं। पूर्व में पूरनपुर मंडी की टीम ने माधोटांडा क्षेत्र में कई ट्रॉली गेहूं पकड़ा था। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में बिक्री करने पर लोगों को डेढ़ से दो सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अधिक फायदा होता है।
ऐसे में लोग कलीनगर क्षेत्र के पूरनपुर-खटीमा और बाइफरकेशन के शारदा डैम के रास्ते होकर गेहूं उत्तराखंड ले जाने में जुटे हैं। डीएम की सख्ती के बाद तहसील प्रशासन ने इसे रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह नायब तहसीलदार अक्षय यादव ने टीम के साथ खटीमा मार्ग पर मैनाकोट के निकट निगरानी की। टीम कई घंटे तक रुककर वाहनों पर नजर रखती रही। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों की जांच की गई। हालांकि गेहूं को ले जाने की बात सामने नहीं आई। नायब तहसीलदार ने बताया कि निगरानी बढ़ाई गई है। किसानों को भी क्रय केंद्रों पर तौल कराने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।