भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर बेरोजगार छात्रों का मुद्दा उठाया है। रेल मंत्री से बेरोजगार छात्रों के हक में फैसला लेने का आग्रह किया है।
सांसद ने आरआरबी एनटीपीसी की परीक्षा केंद्रों को आवेदकों के निवास से सैकड़ों किलोमीटर दूर बनाए जाने को लेकर चार जून को पहला पत्र रेलमंत्री को लिखा था। पत्र में परीक्षा केंद्र 100-200 किलोमीटर की दूरी पर बनाए जाने एवं आवेदकों को जाने के लिए रेल किराये में रियायत तथा अतिरिक्त बोगी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया था। इसी मामले में सांसद ने बुधवार को एक बार फिर रेलमंत्री को पत्र लिखा।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि रेल भर्ती बोर्ड की परीक्षा के लिए आवेदक परेशान हैं। वे ट्वीट करके पूछ रहे हैं कि रेलमंत्री ने क्या कार्रवाई की? इसके जवाब में वह निरुत्तर हो जाते हैं क्योंकि आपके द्वारा अभी तक कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया।
सांसद ने कहा कि अब परीक्षा में कुछ ही दिन रह गए हैं। अगर समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आर्थिक रूप से कमजोर उन हजारों परीक्षार्थियों को दिक्कत झेलनी पड़ेगी जो रेलमंत्री से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सांसद ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि परिक्षार्थियों की समस्याओं के विषय में अपने लिखे गए पत्र पर उठाए गए कदम की जानकारी चाहता हूं। उम्मीद है कि अविलंब निर्णय लेंगे। यदि ऐसा होता है तो छात्रों के मन-मस्तिष्क में सरकार के प्रति सकारात्मक छवि का निर्माण होगा।