सांसद ने कहा कि लोग लोन इसलिए लेते हैं कि वह अपने बच्चों की फीस जाम कर सकें, बीमारी के इलाज, छोटा व्यापार आदि के लिए लोग लोन लेते हैं। इसमें उनसे सुविधा शुल्क की डिमांड की जाती है। कहा कि आजादी के 75 साल हो गए हैं लेकिन हम कहां खड़े हैं। आजादी की लड़ाई का पूर्ण उद्देश्य था कि हिंदुस्तानियों को किसी भी दशा में झुकना न पड़े, लेकिन आज की स्थिति कुछ अगल है।
'आम लोग खा रहे धक्के'
उन्होंने कहा कि थाने या अन्य सरकारी दफ्तरों में आम लोगों को न सिर्फ झुकना पड़ रहा है बल्कि धक्के खाना पड़ रहे हैं। यह कैसी आजादी हो गई, जहां अपने काम के लिए अफसरों और कर्मचारियों के आगे हाथ जोड़ना पड़ता है। इसके अलावा सांसद ने मूसेपुर, मुसरह, डंडिया भगत, सौंधा, उमरिया, पकड़िया, बेलादांडी, नगरा फिजा, गजहड़ा, बेनीपुर व बुहिता आदि गांव में भी जनसंवाद कार्यक्रमों को संबोधित किया।