बीसलपुर। बर्खास्त कर्मचारी उपेंद्र शंखधर की आत्महत्या के मामले में मृतक के भाई ने परिवार को जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी है।
नगर पालिका परिषद के बर्खास्त कर्मचारी मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी उपेंद्र शंखधर ने उत्पीड़न के चलते 13 जुलाई को अपने घर में फंदा से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। उनके भाई अनुराग शर्मा ने 14 जुलाई को कोतवाली में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि व पति अमन जायसवाल और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी समेत पांच लोगों को नामजद किया गया। चार दिन गुजरने के बाद भी पुलिस ने अब तक विवेचना शुरू नहीं की है।
सीओ ने शुक्रवार को कस्बा इंचार्ज विपिन बालियान को मामले की विवेचना अब तक शुरू न करने के संबंध में कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विवेचना तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीओ ने विवेचक को निर्देश दिया कि मृतक के परिजनों से उपेंद्र के हस्ताक्षर वाले महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र ले लिए जाएं। उन प्रमाण पत्रों पर अंकित उपेंद्र के हस्ताक्षरों से सुसाइड नोट पर बने हस्ताक्षर से मिलान किया जाए।
सीओ राहुल पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिजन विवेचक बदलवाना चाहे तो उन्हें प्रार्थना पत्र दे दें, विवेचक बदल दिया जाएगा। इधर, वादी अनुराग शर्मा ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार वालों को जान का खतरा बना हुआ है। वह जब घर से निकलते हैं तो अज्ञात लोगों द्वारा उनकी निगरानी की जाती है। वहीं, नगर पालिका परिषद का कामकाज अब तक सुचारू नहीं हो सका है।