पीलीभीत। किसानों की समस्याओं को लेकर मंडी परिसर में समीक्षा बैठक के बाद ज्ञापन देने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी और किसान अधिकारियों के न पहुंचने पर भड़क गए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद किसानों ने मंडी गेट के सामने टनकपुर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता कर ज्ञापन लिया, जिसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से सोमवार को पीलीभीत मंडी परिसर स्थित किसान विश्राम गृह में किसान समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बापू अजीत सिंह समेत संगठन के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी समेत वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
बैठक समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा जाना था। भाकियू पदाधिकारियों के अनुसार, अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेने की सूचना दी गई थी। निर्धारित समय तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी के न पहुंचने पर किसानों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और किसान मंडी गेट के सामने टनकपुर हाईवे पर पहुंच गए और चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट पीलीभीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद भाकियू टिकैत का ज्ञापन प्राप्त किया गया। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। इस दौरान प्रदेश सचिव वेद प्रकाश शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री जबर सिंह, बरेली मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद
-
एमएसपी की कानूनी गारंटी और फसल का लाभकारी मूल्य मांगा
किसान संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से सभी कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। ज्ञापन में एमएसपी निर्धारण के लिए सी2+50 प्रतिशत लागत फार्मूले को आधार बनाने की मांग की गई। इसके तहत खेती की व्यापक लागत को ध्यान में रखते हुए किसान को लागत के ऊपर 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। भाकियू टिकैत ने ज्ञापन में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत चौक की घोषणा, धान खरीद व्यवस्था में सुधार और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता की मांग की। इसके अलावा बिजली और डिजिटल मीटरों की जांच, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने, गन्ना बकाया भुगतान और गन्ना क्रय केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया।