इससे पहले कीमोथैरेपी से ब्लड में कैंसर के सेल्स को मार दिया गया। बोनमेरो ट्रांसप्लांट के बाद शरीर में नया रक्त बनने लगा। इसके बाद 2018 तक लगातार इलाज चला। अमरजीत ठीक होने लगीं। उन्हें हर छह महीने में इलाज के लिए एम्स में जाना पड़ता था। 2023 में अमरजीत पूरी तरह से ठीक हो गईं। अमरजीत का कहना है कि उनकी दवा भी बंद हो चुकी है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
20 साल की उम्र में हो गई थी बीमारी
अमरजीत कौर को जब बीमारी का पता लगा था तब उनकी उम्र 20 साल की थीं। वह अब 31 साल की हो गईं हैं। उस दौरान उनकी बेटी मात्र आठ माह की थी, अब वह 11 साल की हो गई है। अमरजीत कौर काफी संघर्षशील महिला है। बीमारी को हराने के बाद अब यह गांवों में स्वयं सहायता समूह का नेतृत्व कर रही हैं।
कैंसर पीड़ितों की मदद करने से पीछे नहीं हटतीं अमरजीत कौर
कैंसर को हराने वाली अमरजीत कौर और उनका परिवार अब कैंसर पीड़ितों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। इनके संपर्क में कई कैंसर के मरीज आए। उनको नि:शुल्क इलाज का रास्ता दिखाने के साथ ही उनके साथ अब भी वह अक्सर दिल्ली जाती रहती हैं। उनके प्रयास से कई मरीजों को लाभ मिला है।