पीलीभीत। सवारियां लेकर पीलीभीत से गोला डिपो जा रही रोडवेज बस असम हाईवे पर बिठौरा कस्बा के पास असंतुलित होकर खाई में पलट गई। इसमें चालक की मौत हो गई जबकि कई यात्री घायल हो गए। हालांकि पुलिस के पहुंचने तक अधिकांश यात्री किसी तरह अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। दो घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
लखीमपुर खीरी के कस्बा गोला गोकर्णनाथ डिपो की बस बृहस्पतिवार को सवारियां लेकर पीलीभीत आई थी। बस गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी 50 वर्षीय संविदा बस चालक कपिल कुमार चला रहा थे। जानकारी के अनुसार दिन में करीब सवा दो बजे पीलीभीत से यात्री लेकर बस गोला लौट रही थी। असम हाईवे पर बिठौरा कस्बे के पास गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को बस चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान अनियंत्रित होकर बस खाई में पलट गई। इसमें चालक नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है करीब 45 यात्री बस में सवार थे। दुर्घटना के दौरान बस में चीख पुकार मच गई। हादसा देख लोगों की भीड़ जुट गई। बस से यात्रियों को निकलने में लोग मदद करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन को बुलाकर बस को उठवा कर चालक को बाहर निकला। जबकि दो गंभीर घायल पूरनपुर गांधी आश्रम में कार्यरत राधेश्याम तिवारी और पंजाब के लुधियाना कस्बा निवासी जगजीत कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
दुर्घटना की कहानी, घायलों की जुबानी
पंजाब के जिला लुधियाना के मोहल्ला मुल्लापुर दाखा निवासी चावल व्यापारी जगजीत कुमार ने बताया कि वह पीलीभीत से पूरनपुर जाने के लिए बस में सवार हुए थे। बारिश काफी तेजी से हो रही थी। चालक के पास ही खड़े थे। मौसम भी काफी ठंडा था। सामने जा रही गन्ना भारी ट्रैक्टर ट्रॉली को चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इससे चालक संतुलन खो बैठा और देखते देखते बस खाई में पलट गई। बस में चीखपुकार मच गई। किसी तरह बस से बाहर निकला।
बहराइच के रहने वाले राधेश्याम तिवारी ने बताया कि वह पूरनपुर के गांधी आश्रम में कार्यरत है। जरूरी काम से बरखेड़ा आश्रम आए थे। इसके बाद लौटते समय असम चौराहे से बस में सवार हुए थे। परिचालक ने टिकट भी बना दिया था। इसी दौरान पीलीभीत से दस किलोमीटर ही बस चल पाई कि हादसा हो गया था। दुर्घटना का मंजर देख दिल कांप गया।
लखीमपुर के थाना और कस्बा निवासी विश्वनाथ मृधा ने बताया कि वह पीलीभीत से मोहम्मदी जा रहे थे। बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे खाई में पलट गई। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। परिचालक को पांच सौ रुपये का नोट दिया था। टिकट लेने के बाद पैसे शेष रह गए थे। बाद में वापस करता टिकट के पीछे बाकी रुपये लिख दिए थे। लेकिन बस पलटने के बाद परिचालक भाग गया। सारे पैसे भी ले गया। घर जाने को पैसे भी नहीं बचे थे। मौजूद ग्रामीणों ने पैसे दिए।
लखीमपुर खीरी के गोला डिपो की बस थी। हादसे की जानकारी वहां के एआरएम को दी गई है। परिचालक से जानकारी गई। ओवरटेक करने को लेकर बस का चालक संतुलन खो बैठा था। बस में 45 यात्री सवार थे। चालक की मौत हो गई। जबकि कुछ यात्री मामूली रूप से घायल हुए है। - वीके गंगवार, एआरएम पीलीभीत