पीलीभीत। आंधी-बारिश से दो लोगों की मौत हो गई। साथ ही 40 गांवों की बिजली ठप रही।
मझोला। न्यूरिया में आंधी के चलते विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से 40 गांवों की 13 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। रविवार सुबह करीब 11 बजे पेड़ हटने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी।
न्यूरिया और मझोला क्षेत्र में करीब 50 गांव आते हैं। इनमें से मझोला उपकेंद्र के अंतर्गत कस्बा, पकड़िया विजयपुर, गिदौर, बिंडारा, बहारूआ, रानी कालोनी, जोशी काॅलोनी, टोंडरपुर तो न्यूरिया उपकेंद्र के अंतर्गत कस्बा, ढाकिया उलकरी, रामपुर बोरख, पंडरी, हरिकृष्णपुर, खजुआदीन नगर, गौहर आदि गांवों की बिजली शनिवार रात 10 बजे लाइन पर पेड़ गिर जाने से ठप हो गई।
आपूर्ति बाधित रहने से उपभोक्ताओं को रात में भीषण गर्मी से जूझना पड़ा। इनवर्टर भी डाउन हो गए। रविवार सुबह 11 बजे लाइन से पेड़ हटने के बाद आपूर्ति सुचारू हो सकी।
आंधी से एक घंटा गुल रही पूरे शहर की बिजली
पीलीभीत। शनिवार रात करीब नौ बजे आई आंधी से जगह-जगह पेड़ टूटकर गिर गए। जिससे पूरे शहर की बिजली एक घंटे तक गुल रही। जिस कारण शहर के 42 हजार उपभोक्ता परेशान रहे। कुछ इलाकों में रात में छह घंटे तक बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
अचानक आई आंधी से शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। निरंजनकुंज फीडर के अंतर्गत नेहरू पार्क के पास खंभा गिर जाने से देर रात तक बिजली गुल रही। बेनहर कॉलेज फीडर अंतर्गत एसपी कोठी के पास, पुलिस लाइन फीडर के अंतर्गत डीएम आवास के सामने, आवास विकास फीडर अंतर्गत यशवंतरी मंदिर के पास, कांशीराम फीडर के अंतर्गत चंदोई में पेड़ गिर जाने से बिजली देर रात तक बाधित रही।
ड्रमंड राजकीय इंंटर कॉलेज में एलटी लाइन पर पेड़ गिर जाने से एकता नगर कॉलोनी की बिजली सुबह तक गुल रही तो मोहल्ला सुनगढ़ी, मोहल्ला खुशीमल, मोहल्ला सराय, रामबिहार कॉलोनी, मोहल्ला साहूकारा, मोहल्ला फीलखाना, बल्लभ नगर कॉलोनी, अशोक नगर कॉलोनी, अवध नगर कॉलोनी, तिरुपति गोल्डन पार्क, मोहल्ला देशनगर आदि इलाकों में दिन के समय भी बार-बार फाॅल्ट होने से सुचारू रूप से बिजली नहीं मिल सकी।
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति नहीं रहने से लोगों के घरों के इनवर्टर भी डाउन हो गए। जेई जहांगीर आलम ने बताया कि रात के समय पेड़ टूटने की वजह से कुछ इलाकों में दिक्कत रही। दिन में सभी इलाकों में टीम भेज कर लाइनों को चेक करवाया गया। जहां-जहां दिक्कत थी उन लाइनों की मरम्मत करा दी गई।
टूटी टहनियों को हटाने में जान गंवा बैठे मोतीलाल
पूरनपुर। आंधी में टूटे पेड़ की टहनी को बांधकर रस्सी से खींचते समय वह टूटकर गांव कुर्रैया निवासी किसान मोतीलाल (48) की गर्दन में घुस गई। बाद में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना रविवार को सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव कुर्रैया की है। गांव निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि शनिवार शाम को आई आंधी में उसके घर के पीछे खड़े पेड़ों की टहनियां टूट गईं थी। जो पेड़ में ही लटक रहीं थी। रविवार सुबह उसके पिता मोतीलाल लटक रही टहनियों को छांट रहे थे। इस दौरान वह एक टहनी में रस्सी बांधकर उसे खींचकर पेड़ से अलग करने की कोशिश करने लगे।
टहनी टूटकर उनकी गर्दन के पास घुस गई। गंभीर रूप से घायल पिता को इलाज के लिए ले जाया गया। इस दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। एसओ सेहरामऊ उत्तरी प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रमोद की सूचना पर मोतीलाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। संवाद
बचने के लिए जिस दीवार का सहारा लिया, वही बन गई काल
अमरिया। सितारगंज से मजदूरी कर घर लौट रहा श्रमिक पोल्ट्री फार्म की दीवार गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई।
थाना जहानाबाद क्षेत्र के गांव मुडसैना मदारी निवासी मोहम्मद सलीम (45) मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। शनिवार सुबह वह मकसूद के साथ बाइक से उत्तराखंड के कस्बा सितारगंज में मजदूरी करने गए थे।
शाम को घर लौटते समय रास्ते में घर से दो किलोमीटर की दूरी पर अचानक तेज आंधी और बारिश आ गई। बारिश से बचने के लिए गांव भंगाडांडी के पास खेतों में बने पोल्ट्री फार्म की दीवार के सहारे वह खड़े हो गए। इस दौरान पोल्ट्री फार्म की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे में सलीम दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
साथी मकसूद ने परिवार के लोगों को घटना की सूचना दी। परिवार के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाकर मोहम्मद सलीम निकाला। वाहन से इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में सलीम ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी फात्मा बेगम के अलावा दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं।