पीलीभीत। धान खरीद सत्र शुरू होने से पहले विपणन विभाग ने दो राइस मिलों को धान की कुटाई के काम से बाहर कर दिया है। विभाग ने उजैफ एग्रोटेक राइस मिल और अग्रवाल एग्रो फूड के लाइसेंस समाप्त कर दिए हैं। इनमें अमरिया क्षेत्र की उजैफ एग्रोटेक राइस मिल बैंक से जुड़े विवाद के चलते कुटाई के लिए नहीं ली जाएगी, जबकि पूरनपुर स्थित अग्रवाल एग्रो फूड के संचालक ने खुद ही इस सत्र में काम नहीं करने की लिखित सहमति दी है।
विपणन विभाग की ओर से दोनों मिलों के संबंध में कार्रवाई की गई है। जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने इसके आदेश जारी किए हैं। दोनों मिलों के बाहर होने के बाद अब जिले में धान की कुटाई के लिए 82 राइस मिलें उपलब्ध रहेंगी। अमरिया तहसील क्षेत्र के उदयपुर माफी स्थित उजैफ एग्रोटेक राइस मिल पर पंजाब एंड सिंध बैंक ने बकायेदारी के मामले में सरफेसी अधिनियम के तहत सांकेतिक कब्जे की कार्रवाई की है। बैंक के अनुसार मिल की फैक्टरी, गोदाम, भवन और जमीन समेत दो संपत्तियों पर बैंक का 17 करोड़ 35 लाख 79 हजार 779 रुपये से अधिक बकाया है। बैंक ने संपत्तियों पर कब्जे का नोटिस भी चस्पा किया है। इसी बैंक विवाद के चलते विपणन विभाग ने इस मिल को इस बार धान कुटाई के लिए नहीं लेने का निर्णय लिया है। हालांकि मिल संचालक की ओर से बैंक की कार्रवाई और उससे जुड़े विवाद को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।
दूसरी ओर पूरनपुर क्षेत्र में स्थित अग्रवाल एग्रो फूड के संचालक ने विभाग को लिखित रूप से इस बार धान कुटाई का काम नहीं करने की जानकारी दी है। संचालक की सहमति के बाद विभाग ने मिल का लाइसेंस समाप्त कर दिया है। विभागीय स्तर पर दोनों मिलों को धान कुटाई की प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि एक मिल बैंक संबंधी विवाद के कारण और दूसरी मिल संचालक की ओर से काम नहीं करने की लिखित इच्छा जताए जाने के कारण इस बार धान कुटाई से बाहर की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अब 82 राइस मिलें धान की कुटाई का काम करेंगी। संवाद