गांव चंदिया हजारा में पहुंचे बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी सदस्य स्रोत: ग्रामीण
पूरनपुर। माता-पिता को गंवाने वाले जुड़वा बच्चों का विधिक संरक्षक उनके दादा को बनाया गया है। अब बच्चों का आधार कार्ड भी बन सकेगा और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ भी मिलेगा।
गांव चंदिया हजारा निवासी अपूर्व सरकार की 12 अगस्त 2023 को फंदे पर लटकने से मौत हो गई थी। पति वियोग में उसकी पत्नी रेशमा सरकार ने भी 27 अगस्त 2023 को फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी थी। अपूर्व और रेशमा सरकार के जुड़वा बच्चे अंश और वंश उस समय मात्र दो महीने के थे। दोनों बच्चों का जन्म 16 जून 2023 को हुआ था।
दोनों जुड़वा अपने दादा अनंत सरकार के पास रहते हैं। अनंत सरकार बुजुर्ग होने के बाद भी मेहनत, मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। जुड़वा बच्चों के माता-पिता न होने और दादा के बुजुर्ग होने आदि को लेकर आधार कार्ड तक नहीं बन पा रहे थे। इससे दोनों बच्चों का स्कूल में प्रवेश कैसे होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा आदि को लेकर उनके दादा, दादी चिंतित थे।
समस्या पर प्रधान बासुदेव कुंडू ने अफसरों को इसकी जानकारी दी। अफसरों ने जुड़वा बच्चों की समस्या को गंभीरता से लिया। बाल कल्याण समिति के बच्चों का विधिक संरक्षक उनके दादा को बना दिया। शुक्रवार को समिति पदाधिकारियों ने गांव पहुंचकर इसकी जानकारी जुड़वा बच्चों और उनके विधिक संरक्षक को दी। बच्चों की देखरेख, शिक्षा आदि की जिम्मेदारी उनके विधिक संरक्षक की होगी। साथ ही दोनों बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का भी लाभ मिलेगा।