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Pilibhit News: इलाज तो बाद की बात... मरीजों को नचा रही जिला अस्पताल की जांच

Sun, 09 Mar 2025 12:19 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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इमरान।
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में इलाज तो बाद की बात है, इससे पहले जांच के नाम पर मरीजों को कई दिन चक्कर काटने पड़ रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही से इलाज शुरू होता है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। शनिवार को सैंपल देने वाले मरीजों को रिपोर्ट के लिए सोमवार को बुलाया गया है।
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 1300 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को चिकित्सक जांच भी लिखते हैं। सैंपल देने के बाद मरीजों को दो-तीन दिनों तक जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
शनिवार को डॉक्टर के परामर्श पर जांच कराने पहुंचे ज्यादातर मरीजों को रिपोर्ट के लिए सोमवार को बुलाया गया है। कई मरीजों ने इस पर एतराज भी जताया, लेकिन कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी।
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पैथोलॉजी लैब से जांच रिपोर्ट लेेने वाले कमलेश, सुरेश ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार कोे जांच कराई थी। शनिवार को उन्हें रिपोर्ट दी गई। अब डॉक्टर से मिलेंगे। तब इलाज शुरू होगा।

देरी बढ़ा रही मरीजों की परेशानी
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भतीजी शिवानी की शुक्रवार को जांच कराई थी। शनिवार को रिपोर्ट मिली है। अब चिकित्सक को दिखाकर दवा लेंगे। रिपोर्ट में देरी से परेशानी और बढ़ गई है।- उमेश, तीमारदार
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गंभीर बीमारी की वजह से जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे हैं। जांच रिपोर्ट सोमवार को देने की बात कही है। इसके बाद ही उपचार शुरू हो सकेगा। - इमरान, मरीज
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दादी का उपचार कराने आए हैं। जांच रिपोर्ट दूसरे दिन दी है। दादी को लाइन में खड़ा कर दिया है, जिससे नंबर आ जाए और दवा मिल सके। - मोहम्मद नईम, तीमारदार
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देरी से पहुंचते है लैब के अधिकारी व कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार, लैब के अधिकारी देरी से पहुंचते हैं। तब तक रिपोर्ट पर विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर न होने से वहां मरीजों की लाइन लग जाती है। मरीजों को दोपहर तक जांच रिपोर्ट मिल पाती है। वहीं, कर्मचारी भी इसमें हीलाहवाली करते हैं। मनमर्जी से लैब पहुंचते हैं।

थायराइड की जांच 20 दिनों से ठप
जिला अस्पताल में 20 दिनों से थायराइड की जांच ठप है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी लैब पर उनकी जेब ढीली हो रही है।

वर्जन
कुछ जांच रिपोर्ट में समय लगता है। उन्हें अगले दिन ही दिया जाता है, लेकिन सामान्य जांचों को भी अगर अगले दिन दिया जा रहा है तो इसे दिखवाकर सुधार कराया जाएगा। - डॉ. अरुण कुमार सिंह, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज

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