माधोटांडा। नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र के गभिया सइराई गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाई हुई चल रहीं हैं। पीएचसी पर तैनात चिकित्सक की अन्य जगह ड्यूटी चलने से फार्मासिस्ट के सहारे की परामर्श दिया जा रहा है। समुचित इलाज न मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कलीनगर तहसील के भारत नेपाल सीमा से सटे गांव गभिया सइराई में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए मुख्य भवन के साथ-साथ मेडिकल ऑफिसर, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और तृतीय श्रेणी कर्मियों के आवास भी बनाए गए थे। वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र नए भवन में संचालित तो हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से सुचारू नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र पर एक चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार, एक फार्मासिस्ट सुशांत, एक लैब टेक्नीशियन और एक वार्ड बॉय तैनात हैं। इसके बावजूद हकीकत यह है कि चिकित्सक की एक माह के लिए जेल ड्यूटी लगा दी गई है,इसके चलते वह केंद्र पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को फार्मासिस्ट के परामर्श पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है, जबकि वार्ड ब्वॉय दवाओं के वितरण में सहयोग कर रहा है। हाल ही में एएनएम का तबादला हो जाने से महिला मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश स्टाफ का रोजाना आवाजाही करते हैं, इससे सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण गंभीर रोगियों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं हो पाता, इससे ग्रामीणों को मजबूरन दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। सीएमओ डॉ आलोक शर्मा ने बताया कि जल्द ही जानकारी जुटाकर पीएचसी की व्यवस्थाएं बेहतर कराने पर जोर दिया जाएगा।