पीलीभीत। बैंक के कैशियर और प्रबंधक ने आपसी मिलीभगत से खाते से लेनदेन किया। खातेदार ने कोर्ट के आदेश पर कैशियर और प्रबंधक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गजरौला क्षेत्र के नकटिया गांव निवासी कल्याण राय ने कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि उसने वर्ष 2011 में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कैंच में फसली ऋण खाता खोला था। आठ मार्च 2011 को उसने फसली ऋण लिया था। एक मार्च 2013 से लेकर 31 अगस्त 2016 तक उसने फसली ऋण का संपूर्ण भुगतान कर दिया। इसके बाद उसने कोई लोन नहीं लिया।
आरोप है कि पूरे भुगतान के बाद भी उसके खाते से बैंक के कैशियर ने प्रबंधक की मदद से लगातार खाते का संचालन जारी रखा। खाते से बार-बार रुपये निकालकर जमा किए जाने का आरोप लगाया। उसके खाते में 16,800 रुपये का फसली लोन छोड़ दिया गया, जबकि उसने 31 अगस्त 2016 के बाद खाते का संचालन ही नहीं किया था।
थाना प्रभारी जगदीप सिंह मलिक ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक और कैशियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में विवेचना की जा रही है।