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Pilibhit News: दरारें पड़ने से छह माह से कलीनगर और डगा पुल पर आवागमन ठप

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जर्जर डगा पुल पर जो​खिम के बीच ग्रिल से होकर गुजरता ई-रिक्शा। संवाद
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पीलीभीत। 100 साल की मियाद पूरी कर चुके कलीनगर और डगा पुल अब दरारें पड़ने के कारण करीब छह माह से आवाजाही के लिए बंद हैं। मरम्मत का प्रस्ताव भी फाइलों में फंसा हुआ है। पुलों से आवाजाही बंद होने से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित है।जनपद मुख्यालय और उत्तराखंड से सीधा संपर्क टूटने से लोग खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।
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पर्यटन क्षेत्र और सिंचाई परियोजना के मुख्यालय से पहचान रखने वाले माधोटांडा क्षेत्र में पुलों का हालत बदतर है। बाइफरकेशन से निकलने वाली हरदोई ब्रांच नहर के डगा और कलीनगर मार्ग पर करीब छह माह पूर्व से आवागमन ठप है। इन पुलों को दरारें पड़ने के बाद से आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। दोनों पुलों पर ग्रिल लगाकर दीवार भी खड़ी है।
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीर कलीनगर पुल से गुजरते थे, जबकि पूरनपुर से खटीमा के लिए आने-जाने वाले राहगीर डगा पुल से होकर गुजरते थे। दोनों पुलों पर छह माह से आवागमन बंद होने से क्षेत्र के करीब दो लाख लोगों के अलावा रोजाना गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबा समय बीतने के बाद विभागीय अफसर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की बात कहकर किनारा किए हुए हैं।
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जर्जर पुलों को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। पूर्व में लखनऊ से अफसरों ने पुलों की स्थिति को परखा था। प्रस्ताव पर जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। - राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

लंबी दूरी तय करने को मजबूर राहगीर
क्षेत्रीय लोग कलीनगर पुल से एक किलोमीटर आगे चित्तरपुर पुल से होकर पीलीभीत और कलीनगर के लिए आवाजाही कर रहे हैं। वहीं बाहर से आने वाले राहगीर जानकारी के अभाव में परेशान हो रहे हैं। जोखिम से बचने के लिए राहगीर लंबी दूरी तय कर पूरनपुर असम हाईवे से होकर पीलीभीत और खटीमा जा रहे हैं।

दो मुख्य मार्ग का संपर्क कटने से बढ़ी परेशानी, व्यापार भी प्रभावित
सात मार्च को डगा पुल पर दरारें पड़ने से पूरनपुर-खटीमा मार्ग का सीधा आवागमन बंद कर दिया गया था। इसके दो माह बाद कलीनगर पुल पर भी आवागमन बंद कर दिया गया। इससे लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय के अलावा उत्तराखंड के खटीमा तक आवागमन करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र होने के चलते अक्सर बाहर के लोगों की आवाजाही बनी रहती है। पुलों पर आवागमन बंद होने से दिक्कतें हो रहीं हैं। इसके अलावा बड़े वाहनों पर पाबंदी से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।

सर्वे हुआ, मंजूरी के नाम पर अटकी मरम्मत
कलीनगर और डगा पुल पर दरारें पड़ने से आवागमन बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ी। मामला सुर्खियों में आने के बाद लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम और सिंचाई अभियंताओं ने संयुक्त रूप से सर्वे कर पुल के निर्माण की कार्य योजना बनाई थी। पुलों की मरम्मत की प्रक्रिया को कार्य योजना में शामिल करने की बात कही गई, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद मंजूरी न मिलने से मरम्मत अटक गई।

लोगों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी-

डगा पुल को बंद हुए लगभग छह महीने हो गए हैं। दोनों ओर के लोगों को दिक्कत हो रहीं हैं। रात में बीमार होने की स्थिति में मरीज को सुनसान इलाके से ले जाना पड़ता है। अभी यह समस्या कब तक चलेगी। इसपर भी कुछ नहीं कहा जा सकता। - हाजी तफसीर खान, डगा

हरदोई नहर के कई पुल जर्जर हो गए हैं। जिन्हें बंद कर दिया गया है। वाहन नहीं निकल पाने से आमजन को परेशानी हो रही है। सरकार को समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण करना चाहिए। - ओम प्रकाश, माधोटांडा

जर्जर डगा पुल पर जोखिम के बीच ग्रिल से होकर गुजरता ई-रिक्शा। संवाद

जर्जर डगा पुल पर जोखिम के बीच ग्रिल से होकर गुजरता ई-रिक्शा। संवाद

जर्जर डगा पुल पर जोखिम के बीच ग्रिल से होकर गुजरता ई-रिक्शा। संवाद

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