पीलीभीत। जिले के लोग बाढ़ का दंश अब तक झेल रहे हैं। बाढ़ से कटे तीन मार्गों पर छह माह बीतने के बाद भी आवागमन सुचारु नहीं हो सका है। 100 से अधिक गांवों के लोग आवागमन में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। बाइक सवार वैकल्पिक रास्तों से जैसे-तैसे गुजर रहे हैं। वहीं, बड़े वाहनों को लंबी दूरी और अधिक समय खर्च करना पड़ रहा है।
जुलाई में आई बाढ़ ने कई इलाकों में मुख्य मार्ग के अलावा संपर्क मार्गों को काट दिया था। कई रास्तों पर आवागमन ठप हो गया। कुछ स्थानों पर अस्थायी कार्य कराकर आवागमन शुरू करा दिया गया। लेकिन, कुछ जगह ऐसी हैं जहां छह माह बीतने के बाद भी आवागमन बाधित है। इसके कारण 100 से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं। आवागमन की परेशानी झेल रहे ग्रामीणों ने खुद ही वैकल्पिक रास्ता बना लिया। कच्चे रास्तों का प्रयोग भी कर रहे हैं। अफसरों का दावा है कि कटे मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
दो स्थानों पर कटा भगा मोहम्मदगंज मार्ग, बांस-बल्ली के सहारे निकल रहे लोग
बाढ़ से अमरिया क्षेत्र का भगा मोहम्मदगंज मार्ग दो स्थानों पर कट गया था। एक स्थान पर करीब सौ फीट तो दूसरे स्थान पर भी करीब 70 फीट मार्ग कटा था। छह माह बीतने के बाद कटे मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं कराई जा सकी। परेशानी को देख क्षेत्रीय लोगों ने बांस और बल्ली के सहारे अस्थायी पुल बनाया। बाइक सवार तो जोखिम के बीच गुजरने लगे, लेकिन बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। मार्ग कटने से करीब 30 गांवों के लोग प्रभावित हैं।
कलीनगर-शाहगढ़ मार्ग पर पुल की कटी एप्रोच भी नहीं हो सकी दुरुस्त
जिले में आई बाढ़ से कलीनगर-शाहगढ़ मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल का एप्रोच मार्ग कट गया था। आवागमन ठप होने से करीब 20 से अधिक गांवों के लोग परेशान हुए। लंबा समय बीतने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोग मिट्टी और रोड़ा डालकर जोखिम के बीच पुल के नीचे से गुजर रहे हैं। हाल यह है कि करीब एक फुट तक मार्ग में पानी भरा हुआ है। बाइक सवार तो जोखिम के बीच से गुजर रहे हैं। कार और अन्य वाहनों को 10 किलोमीटर का फेर लगाना पड़ रहा है।
चार स्थानों पर कटा मार्ग, मिट्टी के भराव से होकर गुजर रहे वाहन
उत्तराखंड से सटे मझोला क्षेत्र में भी बाढ़ ने तबाही मचाई थी। इसमें मझोला-ड्यूनी डाम मार्ग चार स्थानों पर कट गया था। इससे कई माह तक मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बंद रहा। 30 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की ओर से अस्थायी कार्य के रूप में मिट्टी का पटान कर दिया गया। छोटे और बड़े वाहन मिट्टी के पटान से होकर गुजर रहे हैं। हालांकि इस मार्ग के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
किसी का टूटा पैर तो किसी के कमर में हुई समस्या
शाहगढ़ क्षेत्र में कटे मार्ग की मरम्मत न होने से लोग जोखिम के बीच गुजरने पर मजबूर हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बाइक से परेशानी उठाकर लोग गुजर रहे हैं। पूर्व में क्षेत्र के एक युवक संदीप सिंह का पुल क्षेत्र से गुजरने के दौरान गिरकर पैर टूट गया। एक अन्य महिला मनजीत कौर के भी गिरने से कमर में समस्या हो गई।
शाहगढ़ क्षेत्र में कटे मार्ग की मरम्मत नहीं कराई जा सकी। इससे बाइक सवार जोखिम के बीच गुजरने पर मजबूर हैं। - नरेश कुमार, शाहगढ़
छह माह बीतने के बाद भी कटा मार्ग की स्थिति वैसे ही है। बाइक सवार परेशानी के बीच गुजर रहे हैं। - दिनेश कुमार, शाहगढ़
वर्जन
सभी के स्टीमेट भेजे गए हैं। कुछ में आपत्ति थी, उसे भी दूर कर दिया गया है। अमरिया क्षेत्र के भंगा मोहम्मद गंज में पुल का एप्रोच कटने के मामले में सिंचाई विभाग की ओर से भी सर्वे कराकर प्रस्ताव भेज दिया गया है। पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग तीन जगह कट गया था, इसका प्रस्ताव भी जा चुका है। पूरनपुर से कलीनगर मार्ग भी शाहगढ़ के पास कट गया था। इसका स्टीमेट भी शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- राजेश चौधरी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
अमरिया क्षेत्र के भगा मोहम्मदगंज मार्ग पर बांस-बल्ली के बनाए अस्थायी पुल से गुजरते लोग। संवाद
अमरिया क्षेत्र के भगा मोहम्मदगंज मार्ग पर बांस-बल्ली के बनाए अस्थायी पुल से गुजरते लोग। संवाद
अमरिया क्षेत्र के भगा मोहम्मदगंज मार्ग पर बांस-बल्ली के बनाए अस्थायी पुल से गुजरते लोग। संवाद