नवदिया गांव के निकट बाघिन ने डेरा जमाया, गाय को मार डाला
कलीनगर। दहशत का प्रयाय बनी बाघिन नवदिया गांव के निकट डेरा जमाए है। सोमवार को उसने एक गाय को मार डाला। इधर, अनुमति मिलने के बाद वन विभाग के अफसर बाघिन को बेहोश कर पकड़ने की तैयारी में जुट गए हैं तो ग्रामीण विभाग के ढुलमुल रवैए से नाराज हैं।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव अटकोना में किसान सुखविंदर सिंह के घर से 26 दिसंबर को बाघिन को बेहोश कर पकड़ा गया था। बाद में उसे कॉलर आईडी लगाकर पीटीआर के घने जंगल में छोड़ा गया, लेकिन ज्यादा दिन तक बाघिन जंगल में नहीं रही।
पांच दिन पूर्व बाघिन जंगल से निकलकर शहर के नजदीक एक होटल के पास खाली क्षेत्र में पहुंच गई। इसके बाद बाघिन की शहर से चार किलोमीटर दूर देवहा नदी से सेट सड़िया गांव के आसपास मौजूदगी देखी गई। बाघिन ने गांव में घुसकर पालतू सूअर के अलावा बकरी का भी शिकार किया। बाघिन की बढ़ती सक्रियता के बाद अफसरों की बेचैनी बढ़ गई ।
बाघिन को पकड़ने को लेकर अनुमति मांगी गई जो मिल गई है। अधिकारी अब सही स्थान पर बाघिन को पकड़ने की योजना बना रहे हैं। इधर, सोमवार को बाघिन सड़िया गांव से सटे नवदिया गांव के करीब डेरा जमाए बैठी रही। इससे लोगों में दहशत रही।
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चिड़ियाघर भेजी जा सकती है बाघिन
अटकोना गांव से पकड़ी गई बाघिन के स्वभाव को लेकर विभाग लगातार मंथन कर रहा है। कलीनगर क्षेत्र में दो माह से बाघिन की आबादी क्षेत्र के निकट मौजूदगी बनी हुई थी। एक जनवरी को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़े जाने के बाद बाघिन पुनः रिहायशी इलाके की ओर निकल आई। भोजन के रूप में बाघिन लगातार छोटे मवेशियों को मारकर खा रही है। बाघिन का स्वभाव जंगल में रुकने के बजाय बाहर का अधिक महसूस हो रहा है। जिसे देखकर ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस बार बाघिन को पकड़ने के बाद जंगल में न छोड़कर चिड़ियाघर भेजा जा जाएगा।
दिनभर चहलकदमी, रात में शिकार
बाघिन दिन भर वह खेतों में रहती है। इसके बाद रात में शिकार की तलाश में आबादी के बीच आ जाती है। सड़िया गांव के प्रधान के भाई ललित शर्मा ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे बाघिन उनके घर के बाहर घूम रही थी। भतीजे ने उन्हें फोन कर इस बारे में जानकारी दी। बाघिन के गांव में घूमने के कारण गांव के लोग खासे दहशत में हैं। गांव में लोग रात में जाग कर अपनी व जानवराें की रक्षा कर रहे हैं। वन विभाग के रवैए से उनमें आक्रोश है।
बाघिन को पकड़ने के लिए अनुमति मिल गई है। सही परिस्थितियों को देखकर उसे पकड़ा जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर पीटीआर