ट्रैक्टर की मदद से बाघों को किया गया अलग
जानकारी के बाद डीएफओ मनीष सिंह मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू ट्रैक्टर की मदद से बाघों को अलग किया गया। एक बाघ आगे की ओर निकल गया। जबकि दूसरा मार्ग के किनारे ही बैठ गया। करीब एक घंटा तक अफसर स्थिति को संभालते रहे। मार्ग पर किसी को रुकने नहीं दिया गया। स्थिति को देखते हुए डीएफओ मनीष सिंह ने निगरानी के लिए टीमें गठित कर जिम्मेदारी सौंपी। खटीमा मार्ग पर अधिक नजर रखने के निर्देश दिए हैं। रेस्क्यू ट्रैक्टर की मदद से वनकर्मी नजर बनाए हुए हैं।
कच्ची पटरी सफारी वाहनों पर लगाई रोक
जिस क्षेत्र में बाघों का आपसी संघर्ष हुआ, उससे सटा कच्ची पटरी का इलाका भी है। ऐसे में स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से कच्ची पटरी पर जंगल सफारी वाहन के घूमने पर मंगलवार के लिए रोक लगाई गई है। टीम को नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।