बराही जंगल से निकले बाघ ने गांव खकरा निवासी किसान निर्मल सिंह की पशुशाला में घुसकर बैल पर हमला कर घायल कर दिया। आहट पर हुए शोर-शराबा पर बाघ समीप के गन्ना के खेत में घुस गया। घटना की जानकारी पर पहुंची वनकर्मियों की टीम के साथ एकत्र हुए लोगों ने धक्का मुक्की की। टीम के साथ पहुंचे एसओ माधोटांडा ने आक्रोशित लोगों को बमुश्किल शांत किया। बराही जंगल से निकले बाघ की पिछले कई दिनों से हो रही चहलकदमी से लोगों में रोष है। बाघ अर्जुनपुर, कीरतपुर, तुलसीपुर, खीरी नौरामद, भीकमपुर आदि गांव में आसपास चहल कदमी कर रहा है। करीब एक पखवाड़ा में बाघ कई किसानों की पशुशाला मेें घुसकर पशुओं को अपना निवाला बना चुका है। बाघ की चहल कदमी से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। किसान खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। बाघ की दहशत को लेकर सामाजिक वानिकी के डीएफओ ने एक निगरानी टीम गठित की है। टीम को कांबिंग और बाघ खदेड़ने को दो हाथी भी दिए गए हैं। बाघ को खदेड़ना तो दूर बाघ और टीम का अब तक आमना सामना तक नहीं हो सका है। उधर, बाघ ने रात को गांव खकरा निवासी फार्मर निर्मल सिंह की पशुशाला में घुसकर बैल पर हमला कर दिया। आहट पर फार्मर के परिवार वालों ने शोर-शराबा किया। तब बाघ समीप के गन्ना के खेत में घुस गया। सूचना पर बराही रेंजर अनिल शाह के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। आक्रोशित लोगों ने वनकर्मियों से धक्का मुक्की की। सूचना पर एसओ माधोटांडा मनोज त्यागी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बमुश्किल आक्रोशित लोगों को शांत कराया। उधर, बाघ तुलसीपुर रास्ते पर रविवार शाम को उस समय आकर खड़ा हो गया, जब गांव मैनी गुलड़िया निवासी जस्सा सिंह और दलवीर सिंह ट्रैक्टर से गांव तुलसीपुर की ओर से घर लौट रहे थे। गांव भीकमपुर निवासी कश्मीर सिंह और अर्जुनपुर निवासी अंग्रेज ङ्क्षसह के फार्म हाउस के समीप सुबह बाघ के पद चिह्न देखे गए।
शाला में घुसकर बैैल पर हमला कर घायल किया। पशु चिकित्सक को फार्म हाउस पर ले जाकर इलाज करवा दिया गया है। आर्थिक सहायता के रूप में किसान को दो हजार रुपये दिए गए हैं। बाघ की क्षेत्र में चहल कदमी को लेकर पहुंची टीम से कुछ लोगों ने अभद्रता की है। इसकी जानकारी उच्च अफसरों को दे दी गई है।
- अनिल शाह, रेंजर बराही