मझोला। जनपद और उत्तराखंड की सीमा से सटे मझोला क्षेत्र में पिछले आठ दिनों से बाघिन की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। सोमवार सुबह मार्ग से गुजर रहे बाइक सवार पर बाघिन ने छलांग लगा दी। हमले में बाल-बाल बचा ग्रामीण बाइक छोड़कर भाग खड़ा हुआ। शोर-शराबे पर आगे की ओर निकली बाघिन ने मेहरबान नगर की सीमा में पहुंचकर छुट्टा गाय को घायल कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के प्रयास सिर्फ निगरानी तक सीमित रहे।
नगर पंचायत मझोला उत्तराखंड की सीमा से सटी है। 22 जून से बाघिन की क्षेत्र में चहलकदमी देखी जा रही है। बाघिन ने शुरुआत में रानी कॉलोनी की सीमा में एक छुट्टा भैंस को मार दिया था। इसके बाद से वह पांच किलोमीटर दायरे में घूम रही है।
सोमवार सुबह करीब सात बजे भरा पचपेड़ा निवासी विकासशील बाइक से देवहा पुल होकर न्यूरिया के भगतनिया की ओर जा रहा था। इस दौरान देवहा पुल मार्ग पर अचानक झाड़ियोंं से निकली बाघिन ने बाइक सवार पर छलांग लगा दी। गनीमत रही कि बाघिन बाइक के पार निकल गई। दहशत में बाइक सवार नीचे गिर गया।
बाघिन को देख वह बाइक छोड़ पीछे की ओर भागा। आसपास मौजूद लोग भी शोर-शराबा करने लगे। इस पर बाघिन आगे निकल गई। कुछ ही देर बाद बाघिन ने मेहरबान नगर के निकट छुट्टा गाय को घायल कर दिया। सूचना पर क्षेत्रीय वन दरोगा सोनी सिंह मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग सूचना के बाद कुछ देर तक रुककर नदारद हो जाता है।
मझोला क्षेत्र में घूम रही बाघिन को लेकर टीमों को सतर्क किया गया है। नियमित निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही गांवों में बैठक कर ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
- भरत कुमार डीके, डीएफओ सामाजिक वानिकी
घर में घुसकर बकरी को खींच ले गया बाघ, खेत में मार डाला
पूरनपुर। गांव चिरागा में बाघ घर में घुसकर बकरी को खींचकर खेत में ले गया और मार डाला। शोर-शराबे पर बाद में वह बकरी के शव को छोड़कर खेतों में चला गया। घटना की सूचना वनकर्मियों को दी गई। बाघ की चहलकदमी न थमने से आसपास के लोग है।
गांव पिपरिया मझरा के समीप आठ-दस परिवार गांव चिरागा में रहते हैं। शनिवार की रात बाघ गांव के दर्शन सिंह के घर में घुसकर बकरी को खेतों में खींच ले गया। दर्शन सिंह ने बताया कि इससे पहले बाघ गांव से एक बछड़ा, दो कुत्तों को खींचकर ले गया और खा गया।
उन्होंने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति न होने से अंधेरा रहता है। घटना की सूचना वनकर्मियों को दी गई। इस पर खुटार रेंज के कर्मचारियों ने पहुंचकर बाघ की चहलकदमी की जानकारी देकर सतर्क रहने के लिए कहा। मालूम हो कि कुछ दिन पहले समीप के गांव कजरी निरंजनपुर के गोआश्रय स्थल में दीवार फांदकर घुसे बाघ ने गाय को मार डाला था। उसका अधखाया शव छोड़कर दीवार फांदकर निकल गया था। संवाद