घटना की सूचना मिलने पर पहुंची गजरौला पुलिस ने घायल रामबहादुर, उजागर सिंह और लालता प्रसाद को जिला अस्पताल भिजवाया। डीएम वैभव श्रीवास्तव और डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर पहुंचे। बाघ को खदेड़ने के लिए सुबह 10:30 बजे कवर्ड ट्रैक्टर से कांबिंग शुरू कराई गई।
दोपहर दो बजे के आसपास बाघ ने वन विभाग की ट्रैक्टर में बैठी टीम पर भी हमला कर दिया। ट्रैक्टर कवर्ड होने के कारण टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। जानकारी मिलने पर मुख्य वन संरक्षक बरेली वृत ललित वर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
फिर धूप के कारण ढाई बजे कांबिंग रोककर शाम को दोबारा शुरू करना तय हुआ। इस बीच बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और सामाजिक दूरी के नियमों के पालन की धज्जियां उड़ गईं।
डीएम ने बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने को कहा
बाघ द्वारा हमले की जानकारी मिलने पर डीएम जराकोठी पहुंचे और डिप्टी डायरेक्टर को घायलों की हर संभव मदद करने और ट्रेस कर बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने घटनास्थल का भी मुआयना किया।