लॉकडाउन के बीच दिल्ली से बिहार में घर के लिए तीन दिन पूर्व छह साथियों के साथ साइकिल से निकले मजदूर की शाहजहांपुर में नेशनल हाईवे पर बंद पड़े टोल प्लाजा के पास मौत हो गई। मजदूर की मौत की जानकारी पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लेकर शव मोर्चरी में रख दिया गया। प्रशासन ने उसके छह साथियों की स्क्रीनिंग कराने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया है।
बिहार के खगरिया जिले के गांव खैरटाह निवासी 32 वर्षीय धर्मवीर कुमार दिल्ली की पंजाबी कॉलोनी में ठेकेदार के अधीन दिहाड़ी मजदूरी करता था। 28 अप्रैल को साथी सुरेंद्र, रंजीत, करन, सुशील, छोटू शर्मा व महेश के साथ साइकिल से घर जाने के लिए निकला था।
पुलिस के मुताबिक सभी मजदूर दिनभर साइकिल से सफर तय करते थे। रात में सड़क किनारे कहीं आराम कर लेते थे। गुरुवार रात किसी समय मजदूर यहां पहुंचे। सभी एक साथ बंद पड़े टोल टैक्स में सो गए। सुबह धर्मवीर जब नहीं उठा तो उसके साथी घबरा गए। उन्होंने तत्काल ही पुलिस को सूचना की।
सूचना पर अजीजगंज चौकी प्रभारी नासिर खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तत्काल ही अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस पर सीओ सिटी प्रवीन कुमार भी पहुंचे गए। उन्होंने धर्मवीर को राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।