पीलीभीत। माला रेंज में हमलावर बाघ को पकड़ने की कवायद के बीच निगरानी में जुटी टीम ने घटनास्थल के आसपास तीन बाघों की चहलकदमी चिह्नित की है। इससे हमलावर बाघ की पहचान करना विभाग के लिए चुनौती बन गया। ऐसे में पकड़ने से पूर्व बाघ को चिह्नित करने पर जोर दिया जा रहा है। कैमरों के साथ ही टीमें हाथियों की मदद से बाघ पर नजर रख रहीं हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में बासखेड़ा निवासी मजदूर केदारी लाल को मारने वाले बाघ को पकड़ने की कवायद चल रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव की ओर से आदेश मिलने के बाद विभागीय टीम ने बाघ को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। शुरुआती निगरानी में बाघ के लगातार ठिकाना बदलने की बात सामने आई थी। बुधवार को डीएफओ मनीष सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर विभागीय टीम से जानकारी जुटाई थी।
इधर, घटनास्थल के आसपास जंगल क्षेत्र में तीन बाघों की चहलकदमी देखी जा रही है। ऐसे में हमलावर बाघ की पहचान करने में टीमों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। अब कैमरों की मदद से हमलावर बाघ को चिह्नित करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास जंगल क्षेत्र में तीन बाघों की चहलकदमी देखी जा रही है। ऐसे में हमला करने वाले बाघ को चिह्नित करने पर जोर दिया जा रहा है। टीम को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
बारिश में निगरानी बनी चुनौती
बृहस्पतिवार को सुबह से शुरू हुई तेज बारिश से जंगल क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनने लगी। इसके चलते टीम को निगरानी करने में परेशानी हुई। बाइक और पैदल गश्त में परेशानी को देखते हुए रेस्क्यू ट्रैक्टर की मदद ली जा रही है
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