पीलीभीत। जिले में नकली सीमेंट और खाद के बाद अब नकली दवा का कारोबार पकड़ा गया है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में तीन दुकानों पर टाटा कंपनी की आड़ में नकली कीटनाशक बेचा जा रहा था। तीनों ही दुकानों पर कई केन में रखा करीब तीन हजार लीटर नकली कीटनाशक पकड़ा गया है। कंपनी के अधिकृत अधिकारी ने दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुंबई के ईआरपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अजय कुमार ने सुनगढ़ी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह टाटा मोटर्स की ओर से बाजार में जाकर जांच करने के लिए अधिकृत किए गए हैं। उन्हें सूचना मिली कि पीलीभीत में कुछ दुकानदार नकली टाटा की यूरिया डीईएफ बेच रहे हैं। सूचना पर गोपनीय रूप से जांच की गई तो पता चला कि नकली कीटनाशक की बिक्री की जा रही है।
इस पर सात नवंबर को वह पूरनपुर मार्ग स्थित तीनों दुकानों पर पहुंचे। दुकानों पर टाटा बोर्ड का स्टीकर लगाकर केन में रखकर कीटनाशक की बिक्री हो रही थी। केन पर कंपनी का ढक्कन और सील नहीं लगी थी। तीनों जगहों से कार्रवाई के लिए केन पर लगे बोर्ड, स्टीकर व नोजल को जब्त किया गया। इसके बाद सुनगढ़ी थाने में दुकानदारों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई।
पुलिस ने मामले में नवाबगंज के गांव मेथी निवासी गंगा सिंह, शाहजहांपुर के गांव शेरपुर निवासी वीरेंद्र कुमार व शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी राज किशोर के खिलाफ काॅपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की।
पकड़ी जा चुका है नकली सीमेंट और खाद का कारोबार
करीब एक माह पहले शहर से सटे बिलगवां में अल्ट्राटेक के नाम पर नकली सीमेंट की बिक्री पकड़ी गई थी। कंपनी की ओर से आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन दिन पहले नकली खाद पकड़ी गई। कृषि विभाग की ओर से इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।