कमिश्नर के निर्देश पर बरेली के संयुक्त कृषि निदेशक ने शनिवार को गांव बमरौली और तिलसंडा के आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जहां तीन बच्चे कुपोषित पाए गए।
संयुक्त कृषि निदेशक रामलखन राजपूत ने बमरौली के तीन और तिलसंडा के एक आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चारों केंद्रों के अभिलेख अधूरे पाए गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान बमरौली के आंगनबाड़ी केंद्र (प्रथम) पर सपना, आंगनबाड़ी केंद्र (द्वितीय) पर प्रदीप कुमार और तिलसंडा के आंगनबाड़ी केंद्र पर गुड़िया नामक बच्चे कुपोषित पाए गए।
इन बच्चों का वजन कराने पर स्पष्ट हुआ कि वह क्रमश: आठ किलो, सात किलो और 6.5 किलो के हैं जबकि तीनों का वजन 12 किलो के आसपास होना चाहिए। तीनों बच्चे शारीरिक रूप से काफी कमजोर भी पाए गए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियों को इन कुपोषित बच्चों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा में उपचार कराने को कहा और स्थिति में सुधार न होने पर जिला अस्पताल ले जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण में यह भी पता चला कि इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर बीते माह जून का बाल पोषाहार अभी तक नहीं आ पाया है।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तत्काल पोषाहार मंगवाकर बंटवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय उनके साथ कृषि उप संभाग कार्यालय के बीटीएम अनिल कुमार वर्मा भी थे।