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Pilibhit News: जुड़ सकती है फर्जी वीजा के खेल के कड़ी

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पीलीभीत। आतंकियों और कुख्यात अपराधियों के पीलीभीत रुख करने की वजह तराई का शांत इलाका और नेपाल की खुली सीमा तो है ही, पूरनपुर और लखीमपुर जिले के कुछ हिस्सों में जारी फर्जी वीजा के खेल की कड़ी भी इसमें जुड़ रही है। हाल में जिले में फर्जी वीजा के कई मामले भी सामने आए हैं। जालसाजों ने भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाया। फर्जी वीजा के जरिये दूसरे देशों में भेज दिया।
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पीलीभीत के पूरनपुर और लखीमपुर जिले के भीरा-पलिया में सिखों की बड़ी आबादी है। दोनों जिलों का ये इलाके जंगल और नेपाल सीमा से भी जुड़े हैं। नेपाल की खुली सीमा से बेरोक-टोक आवाजाही भी हो रही है। सुबह से रात तक लोग भारत से नेपाल और नेपाल से भारत आते हैं। नेपाल की खुली सीमा को आतंकियों और अपराधियों के तराई में शरण लेने की बड़ी वजह माना जाता है।
बॉर्डर एरिया में कई अपराधी पकड़े भी गए। मार्च में माधोटांडा के शाहगढ़ में गैंगस्टर राजेश डोगरा के हत्यारोपी पकड़े थे। लखीमपुर में बॉर्डर इलाके में लेडी डॉन अन्नू धनखड़ पकड़ी गई थी। कई बार एजेंसियां भी छापा मार चुकी हैं।
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फर्जी पासपोर्ट-वीजा के सहारे बाहर जाने की योजना तो नहीं

पूरनपुर क्षेत्र में फर्जी वीजा का खेल भी अपनी जड़ें जमा रहा है। इस तरह के कई मामले भी सामने आ चुके हैं। कहीं ऐसा तो नहीं तीनों खालिस्तानी आतंकी अपने स्थानीय कनेक्शन की मदद से फर्जी वीजा बनवाकर दूसरे देशों में जाने की फिराक में थे। आतंकियों के फर्जी आधार के सहारे पूरनपुर के होटल में रुकने की चर्चा भी है। अगर आधार फर्जी बन गया तो पासपोर्ट और वीजा भी आसानी से मिल सकता है।

हाल में हुए यह मामले

5.50 लाख ठगे, फर्जी वीजा से भेज दिया जार्जिया

जालसाजों ने पलिया के सुभाषनगर निवासी अमर सिंह को यूरोप भेजने का झांसा दिया। कई बार में 5.50 लाख रुपये लिए। जार्जिया का फर्जी विजिट वीजा बनाकर भेज दिया। जार्जिया एयरपोर्ट से अमरसिंह को वापस भेज दिया। अमरसिंह ने एक सप्ताह पहले पूरनपुर के आईलेट संचालक पर केस दर्ज कराया है।
20 लाख ठगे, बना दिया फर्जी वीजा
उत्तराखंड के सितारगंज थाना के मैनाझुंडी निवासी सुखदेव सिंह ने भी फर्जी वीजा बनाए जाने के संबंध में 17 नवंबर को गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि आरोपियों ने पुत्र को आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये ठगे और फर्जी वीजा मोबाइल पर भेजा। इसी तरह फर्जी वीजा के कई अन्य मामले भी सामने आए।

तुर्की में पता चला कि इंग्लैंड का वीजा है फर्जी
लालपुर ताल्लुके-माधोटांडा निवासी राममिलन ने फरवरी 2024 में सीओ को प्रार्थनापत्र दिया था। सकरिया क्षेत्र के आईलेट सेंटर संचालक ने स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 17.95 लाख रुपये लिए और इंग्लैंड का फर्जी वीजा दे दिया। इंग्लैंड जाने को वह तुर्की पहुंचे तो एयरपोर्ट पर रोक लिए गए और फर्जी वीजा बताकर वापस भेज दिया गया।

टौणीदेवी अस्पताल में फल वितरण करते भाजपा नेता। भाजपा।

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