पीलीभीत/दियोरिया। दियोरिया मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे परेशान लोग डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी दैनिक यात्री और स्कूली बच्चाें को हो रही है। वहीं विभागीय अफसरों इस मार्ग पर बसों का संचालन होने का दावा कर रहे हैं।
पीलीभीत डिपो से 117 बसों का संचालन हो रहा है। डिपो पर बसों की संख्या तो पर्याप्त है, लेकिन इन बसों के स्थानीय मार्ग पर संचालन को लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं। आलम यह है कि जिले के दियोरिया मार्ग पर बसों का संचालन नहीं है। इससे इस 22 किलोमीटर के मार्ग पर टेंपो, ई-रिक्शा आदि से 100 से अधिक गांव के लोग सफर करने को मजबूर हैं।
डग्गामार वाहन चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर वाहनों का संचालन करते हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर इस संबंध में अधिकारियों से पत्राचार किया जाता रहा है, इससे कुछ समय के लिए तो बसों का संचालन शुरू कर दिया जाता है, फिर एक-दो माह बाद सवारियां न होने की बात कहते हुए संचालन रोक दिया जाता है।
- रात में होती है सर्वाधिक परेशानी
बसों का संचालन न होने से दैनिक यात्री काफी परेशान हैं। अगर कोई अचानक बीमार हो जाए तो अपने वाहन से ही उसे कहीं ले जा पाना संभव हो पाता है। रात के समय इस मार्ग पर निजी वाहन से ही सफर कर यात्री अपने गंतव्य को पहुंच सकते हैं। -सुनील कुमार, ग्रामीण
पहले इस मार्ग पर प्राइवेट बसें का संचालन हो रहा था। इसके साथ एक-दो रोडवेज बसें भी संचालित थीं, लेकिन कुछ समय से इस मार्ग पर एक भी बस का संचालन नहीं है। महज डग्गामार वाहन ही यहां सहारा है। - प्रदीप कुमार, व्यापारी
इस मार्ग पर बसों का संचालन कराया जा रहा है। अगर बस नियमित रूप से से नहीं जा रही है तो इसको दिखवाकर बस का संचालन सुचारी कराया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
सुनील कुमार
सुनील कुमार