खेत देखने गए गांव मोहनपुर निवासी 18 वर्षीय जितेंद्र की खेत में टूटे
पड़े बिजली हाइटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। गुस्साए
लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आसाम
हाइवे के मोहनपुर चौराहा पर शव रखकर जाम लगाया और प्रदर्शन किया। मौके पर
पहुंचे एसडीएम से भी नोकझोंक हुई। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब
लोग शांत हुए। पुलिस ने पिता की ओर से बिजली विभाग के अधिकारियों और
कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव निवासी मिश्रीलाल
जाटव ने बताया कि उनका पुत्र जितेंद्र कुमार गांव निवासी प्रेमराज और जयराम
के साथ सोमवार को करीब 11 बजे खेत में खड़ी फसल देखने गया था। करीब एक माह
से खेत में टूटे पड़े बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से
उसकी मौके पर मौत हो गई। घटना की सूचना उसके साथी प्रेमराज और जयराम ने घर
पहुंचकर दी।
सूचना पर घर वाले तमाम लोगों के साथ पहुंचे और डंडे से
तारों को हटाकर जितेंद्र का शव हटाया। मृतक के पिता और ग्रामीणों का कहना
है कि एक माह से टूटे तार को ठीक कराने की कई बार शिकायत की गई। इसके बाद
भी बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
आक्रोशित लोगों ने जितेंद्र के शव को मोहनापुर चौराहा पर रखकर जाम लगा दिया
और बिजली विभाग के के खिलाफ प्रदर्शन किया।
लोगों बिजली विभाग के
अफसरों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम में दोनों
ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार
और सीओ राजेश्वर सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने बिजली
विभाग के अफसरों, कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, पारिवारिक
योजना का लाभ दिलवाने, बिजली विभाग से मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।
मौके
पर बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलाने और तुरंत कार्रवाई की मांग को
लेकर एसडीएम और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। बाद में एसडीएम,
सीओ के आश्वासन पर लोग माने। तब कहीं करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।
पुलिस ने मिश्रीलाल की तहरीर पर बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के
खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के
लिए भेजा है।
चार भाईयों में सबसे छोटा था जितेंद्र
जितेंद्र
की मौत पर उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया। जितेंद्र अपने चार भाईयों
में सबसे छोटा था। उसके सबसे बड़े भाई नंदलाल, घनश्याम की शादी हो चुकी
है। महेश और उसकी सबसे छोटी बहन दयावती अविवाहित है। जितेंद्र की भी शादी
नहीं हुई थी।
तार जोड़ने को लेते है सौ रुपये
प्रदर्शनकारियों
ने मौके पर पहुंचे अफसरों को बिजली विभाग के कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क
मांगने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिकायत पर पहले तो
बिजली विभाग के कर्मचारी ध्यान नहीं देते। आरोप है कि अगर आते हैं तब तार
जोड़ने केे नाम पर सौ रुपये सुविधा शुल्क मांगते है।
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हाइटेंशन
लाइन जब टूटती है तो ट्रिपिंग होती है। इस पर तुरंत लाइन बंद करने के बाद
फाल्ट को ठीक कराया जाता है। तार टूटे होने की सूचना पहले से किसी ने विभाग
को नहीं दी थी। सुविधा शुल्क का आरोप निराधार है।
-सौरभ भारद्वाज, एसडीओ पूरनपुर