जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाता युवक संवाद
पीलीभीत। एंटी रैबीज वैक्सीन लोगों को कुत्ता, बंदर और बिल्लियों के हमले से होने वाली जानलेवा रैबीज बीमारी सेे बचा रही है। समय पर वैक्सीन लग जाने से लोग इस खतरनाक बीमारी से निजात पा रहे हैं। यही वजह है कि प्रतिमाह जिला अस्पताल और सीएचसी को मिलाकर दो हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही हैं।
आवारा कुत्तों व बंदरों के इंसानों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से बिल्लियां भी हमलावर हो रही हैं। कुत्ता-बंदर के हमले के शिकार लोग रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि किसी जानवर द्वारा जख्मी किया शरीर के स्थान को साबुन व पानी से धोएं। इसके बाद करीब के चिकित्सालय में जाकर रैबीज टीका जरूर लगवाएं। इसी के साथ उन्होंने अपने पालतू जानवरों को पशु चिकित्सालय से रैबीज का टीका लगवाने की सलाह दी। ताकि पालतू जानवरों में रैबीज के संक्रमण खत्म हो।
एक माह में जिला अस्पताल में लगे रैबीज के टीकों के आंकड़े
सितंबर में कुत्ता, बंंदर, बिल्ली और अन्य जानवरों के हमले के शिकार हुए 2460 लोगों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई। इसमें कुत्ता काटने के 1557 और बंदर के हमले में घायल लोगों का आंकड़ा 363 है। वहीं बिल्लियों ने 390 लोगों को काटा है। अन्य जानवरों ने 150 लोगों को अपना निशाना बनाया।