पीलीभीत। पूरनपुर क्षेत्र में 14.33 करोड़ से बन रहा टाइगर रेस्क्यू सेंटर अब अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद रेस्क्यू किए गए बाघों और तेंदुओं को दूसरे स्थानों पर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ही उनके उपचार और देखभाल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछली गणना के अनुसार, यहां 72 बाघ दर्ज किए गए थे, जबकि हाल ही में चल रही गणना में यह संख्या बढ़कर करीब 85 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी गतिविधियां भी बढ़ी हैं, जिससे रेस्क्यू की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। अब तक रेस्क्यू किए गए बाघों और तेंदुओं को उपचार और निगरानी के लिए अन्य स्थानों पर भेजना पड़ता था, लेकिन टाइगर रेस्क्यू सेंटर बनने के बाद यह प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
वर्ष 2020 में स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। विभाग द्वारा इसे इसी माह के अंत तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है। पूरनपुर के गोपालपुर क्षेत्र में करीब पांच हेक्टेयर भूमि पर बन रहे इस सेंटर का निर्माण 14.33 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
इसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसमें अंतिम चरण के लिए शासन से 90.43 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। संवाद