पीलीभीत। चुनावी रण में योद्धा उतरने को तैयार हैं और विधानसभा क्षेत्रों में तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इन योद्धाओं में टिकट किसको मिलेेगा? यह अभी साफ नहीं है। मगर खुद को बेहतर साबित करने के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगा रहे हैं। पार्टी के मुख्यमंत्री की अगुवाई में सभी दावेदारों ने दिन-रात एक कर दिया। इसी उम्मीद सें कि शायद मुख्यमंत्री की निगाह उन पर मेहरबान हो जाए और चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिल जाए।
वैसे तो जिले में भाजपा चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों की कमी नहीं है। मगर इनमें 20 लोग ऐसे है, जो चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर चुके हैं। अब किसे विधानसभा चुनाव में टिकट मिलेगा? इस पर सियासी दिग्गज लंबे समय से चर्चा में लगे हैं। किसे टिकट मिलता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। मगर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के भाषण से साफ प्रतीत हो रहा था कि उन्होंने अभी तक नए दावेदारों के बारे में सोचा तक नहीं है। वह अपने विधायकों की तारीफ कर गए हैं। इससे विधायक खुश नजर आए। जबकि अपनी प्रबल दावेदारी दिखाने वाले लोगों की उम्मीद अभी टूटी नहीं है। एक सप्ताह से रात दिन एक किए हुए थे ताकि। मुख्यमंत्री उनकी मेहनत को समझ सकें। टिकट की दौड़ में उनको भी शामिल कर लें। जन विश्वास यात्रा के स्वागत को लेकर जिले की सड़कों को होर्डिंग्स लगाकर भगवा कर दिया। ताकि यात्रा में शामिल पदाधिकारियों की नजर में वे भी आ सकें।
मुख्य मंच पर इन्हें भी मिला महत्व
पीसीयू चेयरमैन सुरेश गंगवार, जिला महामंत्री लेखराज भारती, दिनेश पटेल, अमित अग्रवाल, महादेव गाईन, यात्रा संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, सत्यपाल गंगवार मौजूद रहे।
जनसभा के दूसरे मंच यह रहे मौजूद
रेखा सिंह परिहार, रत्नेश गंगवार, स्वामी प्रवक्तानंद अंकुर गुप्ता, गुरुभाग सिंह, गीता मिश्रा, शांति स्वरूप, चेतन शर्मा, गीता मिश्रा, सुषमा देवी, अनुराग मिश्रा, श्याम बिहारी भोजवाल, विपिन मिश्रा, सुमित गंगवार, हेमराज दिवाकर, श्याम सिंह, आनंद मिश्रा, रुपेश गंगवार, विकास वाल्मीकि शामिल रहे।