बीसलपुर। आठ दिन पूर्व लापता हुए गांव मझिगवा के तीनों बच्चे नगर के रेलवे स्टेशन के पास कूड़ा बीनते हुए सकुशल मिल गए। बच्चों के मिलने के बाद पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस की। पुलिस ने बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
बीसलपुर क्षेत्र के गांव मझिगवा निवासी नन्ही देवी का 12 वर्षीय पुत्र मोहित और 10 वर्षीय श्रीकृष्ण के अलावा गांव के ही रामदीन का 10 वर्षीय पुत्र धर्मपाल 15 जून को लापता हो गए थे। घर से परचून की दुकान पर सामान खरीदने के लिए निकलने के बाद तीनों नहीं लौटे थे।
कई दिनों से खोजबीन के बाद जब उनका सुराग नहीं लगा तो शनिवार को परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर तीनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए अफसरों ने कोतवाली पुलिस के अलावा एक टीम गठित कर बच्चों की तलाश शुरू कराई। पुलिस ने रविवार की शाम तीनों बच्चों को रेलवे स्टेशन के पास कूड़ा बीनते हुए देखा,जिसके बाद उन्हें अभिरक्षा में ले लिया।
पुलिस तीनों बच्चों को कोतवाली ले आई और उनके परिजनों को भी बुला लिया। जानकारी करने पर बच्चे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बच्चे बहकी-बहकी बातें कर रहे थे। घर वालों ने जब उनसे सख्ती से पूछताछ करने का प्रयास किया तो वे रोने लगे। पुलिस ने सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस बाबत कोतवाल संजीव शुक्ला ने बताया कि इस अवधि में बच्चे इधर-उधर घूमते रहे और मांग कर खाना खाते रहे। जहां शाम हो जाती वहीं सो जाते थे। जांच में यह भी पता चला कि बच्चे एक दिन बिलसंडा और एक दिन कस्बा ईंटगांव में भी गए थे। कोतवाल ने यह भी बताया कि अब इस संबंध में दर्ज रिपोर्ट निरस्त की जाएगी।