स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, अर्श व मेटरनल हेल्थ से जुड़ी संविदा भर्तियों को लेकर शुरू हुई जांच के बाद इन पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जनवरी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, अर्श व मेटरनल हेल्थ के तहत संविदा पदों पर भर्ती को लेकर चयन प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में अलग-अलग तिथियों पर साक्षात्कार हुए थे। इधर डीपीएम सर्वेश चंद्रा ने एनएचएम के मिशन निदेशक को पत्र भेजकर तत्कालीन सीएमओ डॉ. एके सिंह ने मानकों के विपरीत चयन प्रक्रिया संपन्न कराने समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे।
बुधवार को लखनऊ से एनएचएम के महाप्रबंधक (ट्रेनी) डॉ. हरिओम गंगवार व डॉ. उत्तम कुमार ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर सीएमओ डॉॅ. ओम चौहान, डीपीएम सर्वेशचंद्रा आदि के बयान दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने कुछ अभिलेखों को कब्जे में लिया। देर शाम टीम रवाना हो गई थी। इधर लखनऊ से आई टीम ने अभिलेखों को कब्जे लेने को लेकर संविदा भर्तियों पर खतरे मंडराने की आशंका जताई जा रही है।
इधर सीएमओ डॉ. ओम चौहान ने बताया कि दो सदस्यीय टीम ने बुधवार को बयान आदि दर्ज किए थे। कुछ अभिलेख भी साथ ले गए हैं। अब जांच शासन स्तर पर हो रही है। इस मामले में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।