पीलीभीत। महिला विवेचक के सामने दिया दुष्कर्म पीड़िता का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस अधीक्षक ने सीओ सिटी को जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता अमरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है। उसने एक व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट कोतवाली पीलीभीत में दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना एक महिला दरोगा कर रही थी।
उन्होंने पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई थी। यही रिकॉर्डिंग तीन दिन पहले वायरल हो गई। पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को बताया कि जो बयान उसने पुलिस को दिया था, उसके वायरल से वह आहत है। इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जाए। बयान वायरल होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाल हरीश वर्धन ने बताया कि इस मामले की जांच में दो नाम सामने आए हैं। सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक और आरोपी का पता चला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
‘वीडियो वारयल होने के मामले में जवाबदेही तय होगी। इसके लिए प्रारंभिक जांच के आदेश सीओ सिटी को दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।’
- दिनेश कुमार पी, पुलिस अधीक्षक
निजी दुकान पर डीवीडी बनवाने के चलते वायरल हुआ वीडियो
अब तक जो जानकारी सामने आई है। उसके मुताबिक एक निजी दुकान पर वीडियो रिकॉर्डिंग की डीवीडी बनवाने के लिए पुलिस गई थी। इसी दौरान रिकार्डिंग की कॉपी की गई। पुलिस डीवीडी लेकर लौट आई और कंप्यूटर आपरेटर ने रिकार्डिंग शेयर कर दी। इस मामले में विवेचना में और तथ्य भी सामने आएंगे। यहां यह सवाल भी उठ रहा है कि हर थाने में कंप्यूटर हैं और पुलिस अपने को हाईटेक कर रही है। फिर बाहर से वीडियो रिकार्डिंग की डीवीडी क्यों बनवाई गई। इस सवाल पर पुलिस कर्मियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। इस मामले विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।