पीलीभीत। डीएम ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय से एक करोड़ के संदिग्ध लेनदेन के मामले में निलंबित चतुर्थ कर्मचारी के बैंक अकाउंट का सात सालों का विवरण एलडीएम से मांगा है। साथ ही डीएम ने विस्तृत जांच के लिए पुलिस अधीक्षक से बात की है ताकि संदिग्ध लेनदेन की ठीक से जांच कराई जा सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबे समय से संबद्ध कर तैनात किए गए कर्मचारी ने विभागीय मिलीभगत के कारण करीब 1.01 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया। पिछले दिनों एक गोपनीय रिपोर्ट डीएम को दी गई थी। इसमें बताया गया कि कुल 92 ट्रांजेक्शन कर सरकारी खाते से धनराशि निजी खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके अंतर्गत करीब 1.01 करोड़ की धनराशि का ट्रांजेक्शन किया गया है। जानकारी मिलने पर इसे चेक कराया गया था। सीडीओ आरके श्रीवास की तरफ से जांच कराई गई। इसमें बीसलपुर में तैनात वर्तमान में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबे समय से संबद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मी इल्हाम शम्सी की भूमिका पर सवाल उठे। बाद में तहकीकात हुई तो जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार की तरफ से इल्हाम शम्सी और उनकी पत्नी अर्शी के नाम पर मामला दर्ज कराया गया। अर्शी इन दिनों जेल में हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर कोषागार तक चल रही जांच का दायरा अब बढ़ाने का निर्णय किया गया है। इसको लेकर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने एलडीएम से खाते के सात साल के रिकार्ड को भी मांगा है। साथ ही एसपी सुकीर्ति माधव से वार्ता कर जांच का दायरा बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है। डीएम का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संवाद
पुलिस को चकमा दे रहा इल्हाम
डीआईओएस कार्यालय से संदिग्ध लेनदेन के आरोपी चपरासी इल्हाम शम्सी को पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है। कोतवाल सत्येंद्र कुमार का कहना है कि चार टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। उसकी लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है। इलेक्ट्राॅनिक साधनों की मदद भी ली जा रही है। जल्द ही उसको पकड़ लिया जाएगा।